विदेश मुद्रा भंडार सहित आरबीआई ने की कई मुख्‍य घोषणाएंं

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी प्रत्‍येक दो माह पर होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा को की। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों किसी प्रकार के बदलाव नहीं कीया है। वहीं रिजर्व बैंक ने टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को कुछ राहत देने का प्रयास किया है। रिजर्व बैंक का कहना है कि  उसका विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रिजर्व बैंक ने जो घोषणाएं की उनकी कुछ विशेष बाते इस प्रकार हैं।

ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव

उल्‍लेखनीय है कि रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी के द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेपो रेट को 4 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट को 3.5 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा गया है। इसका मतलब यह है कि लोगों के लोन ईएमआई पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और वे यथावत ही रहेंगी।

टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट सेक्टर राहत की घोषणा

कोरोना महामारी के कारण बर्बाद हो चुके टूरिज्म एवं ट्रांसपोर्ट सेक्टर को रिजर्व बैंक के माध्यम से राहत देने की कोशिश की जा रही है। इस बारे में रिजर्व बैंक के गवर्नर का कहाना है कि बैंकों के माध्यम से इन सेक्टर को राहत पहुचाई जाएगी।  

रिजर्व बैंक के गवर्नर का इस बारे में कहना है कि 15 हजार करोड़ रुपये की नकदी की व्यवस्था बैंकों को जाएगी। इससे बैंक होटल, टूर ऑपरेटर, रेस्टोरेंट, प्राइवेस बस, सलोन, एविएशन एंसिलियरी सेवाओं ऑपरेटर आदि को किफायती लोन की व्‍यवस्‍था दी जा सकेगी।  

विदेशी मुद्रा भंडारण रिकार्ड स्‍तर पर

गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया है कि रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सक्रियता से हिस्सा ले रहा है। महामारी से निपटने के लिए वित्तीय सिस्टम की द्रणता बहुत अ‍धिक महत्वपूर्ण है। पूरे विश्‍व में इस समय कठिनाई होने के बाद भी मुद्रा विनिमय दर स्थिर है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 598 अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है और हमें पूरी उम्मीद है कि अब यह अब 600 अरब डॉलर को पार कर गया है, हालांकि अभी आधिकारिक रूप से आंकड़े एक सप्‍ताह के बाद आएंगे।  

9.5 प्रतिशत रहेगी जीडीपी ग्रोथ

भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 में जीडीपी ग्रोथ 9.5 प्रतिशत रह सकती है।  यह आंकड़ा अच्छा है, लेकिन यह रिजर्व बैंक के पहले के 10.5 प्रतिशत के अनुमान से कम है। रिजर्व बैंक के गवर्नर के अनुसार इस बार मॉनसून सामान्य रहने का अनुमान है और इसकी वजह से ग्रामीण मांग मजबूत रहेगी, जिसकी वजह से जीडीपी में काफी अच्छी बढ़त होने का अनुमान है । रिजर्व बैंक ने अनुमान लगाया है ​कि पहली तिमाही में 18.5 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की जा सकती है ।

महंगाई 5.1 प्रतिशत होने का अनुमान

गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस वर्ष यानी वित्त वर्ष 2021-22 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित (खुदरा महंगाई)  5.1 प्रतिशत रह सकती है। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में खुदरा महंगाई 5.2 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.3 फीसदी रह सकती है।

16000 करोड़ MSME को

रिजर्व बैंक के गवर्नर शाक्तिकांत दास का कहना है कि MSME को सहयोग देने के लिए रिजर्व बैंक SIDBI को 16,000 करोड़ रुपये की एक खास और अतिरिक्त नकदी सुविधा देगा। पहले भी ऐसी सुविधा दी गई थी। पहले इसके तहत 25 करोड़ रुपये की उधार लेने की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दिया है। इससे इस सेक्‍टर में खासी बढ़ौतरी होने की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

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