संसद के बजट सत्र की शूरूआत राष्‍ट्रपति के अभिभाषण के साथ

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जैस की परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति हर वर्ष संसद के पहले सत्र को संबोधित करते हैं। उनकेे संवोधन के साथ ही संसद के सत्र की शूरूआत होती है। इस बार भी राष्‍ट्रपत‍ि रामनाथ कोविंद संसद के केन्द्रीय कक्ष में राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों को संबोधित कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि सरकार को नए भारत के निर्माण के लिए जनादेश मिला है। भारत का संविधान हमारा मार्गदर्शक है। इस सरकार ने कई एतिहासिक कानून बनाएं हैं। नए भारत में सांस्‍कृतिक गौरव और विकास पर जोर दिया जाएगा। यह दशक भारत के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है। नए दशक को भारत का दशक बनाएंगे। विरोध के नाम पर हिंसा देश को कामजोर करती है जो कि स्‍वीकार नहीं है।  देश की अंतर्राष्ट्रीय छवि में सुधार हुआ है सरकार के प्रसास से विश्‍व में भारत का विशेष स्‍थान बन गया है।

इस बजट सत्र में आर्थिक सर्वे पेश होगा।  संसद का बजट सत्र 3 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान एक फरवरी को वित्त वर्ष 2020-21 का आम बजट पेश किया जायेगा। 1 फरवरी को शनिवार है,  साथ ही  नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और आर्थिक मंदी को लेकर चल रहे विरोध को देखते हुए बजट सत्र काफी हंगामेदार हो सकता है।

बजट सत्र 3 अप्रैल तक चलेगा

बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक और दूसरा चरण दो मार्च से तीन अप्रैल तक चलेगा।  बजट सत्र के बीच में करीब एक महीने का अवकाश रखा जाता है। इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों, विभागों से जुड़ी संसदीय समितियां बजट आवंटन प्रस्तावों का परीक्षण करती हैं।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाते हैं । वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करेंगी।  विश्लेषकों को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था में जारी नरमी को देखते हुए सरकार इस बजट में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये उपायों की घोषणा कर सकती है।

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