भारत में विस्तार से गोल्डमैन सैक्स को मिला नया विकास इंजन

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गोल्डमैन सैक्स ने भारत को अपनी ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर बताया; अगले 5 साल में 7%+ की औसत GDP ग्रोथ का अनुमान, दुनिया के अन्य उभरते बाजारों से आगे

भोपाल: ग्लोबल निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने भारत को अपनी सबसे बड़ी विकास कहानी का केंद्र बताते हुए एक नया रिपोर्ट जारी किया है। बैंक का कहना है कि भारत अब उसका नया विकास इंजन बन चुका है और अगले 5 वर्षों (2026-2030) में भारतीय अर्थव्यवस्था औसतन 7% से अधिक की दर से बढ़ेगी जो G20 देशों में सबसे तेज होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर चीन की ग्रोथ धीमी पड़ रही है और अन्य उभरते बाजारों (ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया) में स्थिरता की कमी है। ऐसे में भारत मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था और मैन्युफैक्चरिंग बूम के दम पर सबसे आगे है।

गोल्डमैन सैक्स के प्रमुख अनुमान (2026-2030)

  • भारत की औसत GDP ग्रोथ: 7.0–7.5%
  • चीन की औसत ग्रोथ: 3.8–4.2%
  • वैश्विक औसत: 2.8–3.1%
  • भारत का वैश्विक GDP में हिस्सा: 2030 तक 4.5% से बढ़कर 5.2–5.5% (वर्तमान 3.6%)
  • नॉमिनल GDP: 2030 तक $6–7 ट्रिलियन (वर्तमान ~$3.9 ट्रिलियन)

भारत को विकास इंजन बनाने वाले प्रमुख फैक्टर

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले 5 मुख्य स्तंभों की पहचान की है:

  1. मजबूत घरेलू खपत — बढ़ता मध्यम वर्ग, शहरीकरण और डिजिटल कंजम्पशन
  2. इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च — ₹11+ लाख करोड़ का सालाना कैपेक्स, हाईवे, मेट्रो, रेल और एयरपोर्ट्स
  3. मैन्युफैक्चरिंग बूम — PLI स्कीम, सेमीकंडक्टर, मोबाइल, EV और डिफेंस प्रोडक्शन में तेज वृद्धि
  4. डिजिटल इकोनॉमी का विस्तार — UPI, ONDC, डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक में वैश्विक लीडरशिप
  5. निर्यात में विविधीकरण — अमेरिका-यूरोप के अलावा अफ्रीका, मध्य-पूर्व और ASEAN में बढ़ता निर्यात

भारत के लिए गोल्डमैन सैक्स की सलाह

  • अगले 5 सालों में इंफ्रा, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल सेक्टर में निवेश जारी रखें।
  • लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन (खासकर महिलाओं की) बढ़ाने पर जोर दें।
  • शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में निवेश बढ़ाएं।
  • फिस्कल डिसिप्लिन बनाए रखें ताकि कर्ज का बोझ न बढ़े।

बाजार और निवेशकों पर असर

रिपोर्ट के बाद भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक सेंटिमेंट देखा गया। बैंकिंग, इंफ्रा, कैपिटल गुड्स, IT और कंज्यूमर स्टॉक्स में खरीदारी हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिपोर्ट भारत के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी को और मजबूत करती है।

निष्कर्ष

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट एक बार फिर साबित करती है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से उभरता हुआ इंजन बन चुका है। 7%+ की ग्रोथ, मजबूत घरेलू मांग और इंफ्रा निवेश के दम पर भारत न केवल G20 में सबसे आगे रहेगा, बल्कि अगले दशक में वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ बन जाएगा।

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