सेंसेक्स 1700 अंक टूटकर 78,500 पर: निफ्टी 500 पॉइंट लुढ़का, दक्षिण कोरिया का बाजार 10% गिरा, जापान 4% नीचे

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इजराइल-ईरान युद्ध के बढ़ते खतरे और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट से वैश्विक बाजारों में भयंकर बिकवाली; भारत में ₹7-8 लाख करोड़ का नुकसान, बैंकिंग-ऑटो-मेटल में 5-9% तक गिरावट

भोपाल: वैश्विक बाजारों में इजराइल-ईरान युद्ध के बढ़ते खतरे और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका से आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स 1,700 अंकों से ज्यादा गिरकर 78,500 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 500 अंकों से अधिक लुढ़ककर 24,350 के आसपास ट्रेड कर रहा है। बाजार का कुल नुकसान ₹7-8 लाख करोड़ के आसपास अनुमानित है।

एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट

  • कोस्पी (दक्षिण कोरिया)10% तक टूटा (लॉन्ग वीकेंड के बाद कैच-अप गिरावट)
  • निक्केई 225 (जापान)4.1% नीचे
  • हैंग सेंग (हॉन्गकॉन्ग)2.8% गिरा
  • शंघाई कम्पोजिट (चीन)1.9% नीचे

गिरावट के मुख्य कारण

  1. होर्मुज स्ट्रेट पर संकट ईरान ने इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। होर्मुज से रोजाना 21 मिलियन बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक सप्लाई का 20-25% है। भारत का 45-50% तेल आयात इसी रूट से होता है।
  2. कच्चे तेल में उछाल ब्रेंट क्रूड $92-94 के बीच पहुंच गया। भारत में पेट्रोल-डीजल में ₹8-12 प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव।
  3. FII की भारी बिकवाली आज FII ने ₹4,500-5,000 करोड़ से ज्यादा की नेट बिकवाली की। जनवरी-फरवरी में कुल आउटफ्लो ₹40,000 करोड़ के पार।
  4. सेक्टर-विशेष गिरावट
    • बैंकिंग: HDFC Bank (-3 %), ICICI Bank (-4.2%), SBI (-4.0%)
    • ऑटो: मारुति (-6.1%), टाटा मोटर्स (-7.2%)
    • मेटल: टाटा स्टील (-8.5%), JSW स्टील (-9.1%)
    • तेल कंपनियां: IOC, BPCL, HPCL में 6-9% गिरावट

विशेषज्ञों की राय

  • कोटक सिक्योरिटीज: होर्मुज बंद होने पर ब्रेंट $100-110 तक जा सकता है। भारत में महंगाई 1.5-2% बढ़ सकती है।
  • मोतीलाल ओसवाल: निफ्टी 24,000 के नीचे जा सकता है। सेफ-हेवन में सोना और गोल्ड ETF में निवेश बढ़ेगा।
  • जेपी मॉर्गन: भारत के लिए यह सबसे बड़ा जोखिम है। अगर रूट 10 दिन बंद रहा तो पेट्रोल-डीजल ₹10 तक महंगा हो सकता है।”

निवेशकों के लिए सलाह

  • शॉर्ट-टर्म: सतर्क रहें, सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करें।
  • लॉन्ग-टर्म: मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में डिप्स पर खरीदारी का मौका।
  • सेफ-हेवन: सोना, चांदी और गोल्ड ETF में निवेश बढ़ाएं।
  • सेक्टर: FMCG, फार्मा और IT में रिलेटिवली सुरक्षित रह सकते हैं।

निष्कर्ष

इजराइल-ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे ने बाजार में भयंकर बिकवाली को ट्रिगर कर दिया। सेंसेक्स का 1,700 अंकों का गिरना और ₹8 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान इस बात का संकेत है कि तेल संकट भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोने-चांदी और डिफेंसिव सेक्टर पर नजर रखनी चाहिए। स्थिति अगले 24-48 घंटों में और स्पष्ट हो जाएगी।

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