ईरान जंग से बाजार में भयंकर गिरावट: सेंसेक्स 1700 अंक लुढ़ककर 77,200 पर, रुपया 92.28 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर
कच्चा तेल 10 दिन में 60% उछला, होर्मुज संकट से भारत का तेल आयात खतरे में; FII ने ₹5,200 करोड़ निकाले, बैंकिंग-ऑटो-मेटल में 6-10% तक टूटे शेयर
मुंबई: इजराइल-ईरान युद्ध के तेजी से बढ़ते खतरे और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स 1,700 अंकों से ज्यादा गिरकर 77,200 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 500 अंकों से अधिक लुढ़ककर 23,800 के नीचे चला गया। बाजार का कुल नुकसान ₹7-8 लाख करोड़ के आसपास अनुमानित है।
गिरावट के मुख्य कारण
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की धमकी ईरान ने इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। होर्मुज से रोजाना 21 मिलियन बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक सप्लाई का 20-25% है। भारत का 45-50% तेल आयात इसी रूट से होता है।
- कच्चे तेल में 10 दिन में 60% उछाल ब्रेंट क्रूड 10 दिन में $56 से बढ़कर $89-90 के स्तर पर पहुंच गया। भारत में पेट्रोल-डीजल में ₹8-12 प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव।
- FII की रिकॉर्ड बिकवाली आज FII ने ₹5,200 करोड़ से ज्यादा की नेट बिकवाली की। जनवरी-फरवरी में कुल आउटफ्लो ₹45,000 करोड़ के पार।
- सेक्टर-विशेष भारी गिरावट
- बैंकिंग: HDFC Bank (-5.8%), ICICI Bank (-5.4%), SBI (-4.9%)
- ऑटो: मारुति (-7.2%), टाटा मोटर्स (-8.1%)
- मेटल: टाटा स्टील (-9.2%), JSW स्टील (-10.1%)
- तेल कंपनियां: IOC, BPCL, HPCL में 7-11% गिरावट
रुपया 92.28 के ऑलटाइम लो पर
- रुपया डॉलर के मुकाबले 92.28 पर पहुंच गया :अब तक का सबसे निचला स्तर
- डॉलर की मांग बढ़ने और तेल आयात बिल बढ़ने से रुपए पर भारी दबाव
विशेषज्ञों की राय
- कोटक सिक्योरिटीज: होर्मुज बंद होने पर ब्रेंट $100-110 तक जा सकता है। भारत में महंगाई 2% तक बढ़ सकती है।
- मोतीलाल ओसवाल: निफ्टी 23,000 के नीचे जा सकता है। सेफ-हेवन में सोना और गोल्ड ETF में निवेश बढ़ेगा।
- जेपी मॉर्गन: भारत के लिए यह सबसे बड़ा जोखिम है। अगर रूट 10 दिन बंद रहा तो पेट्रोल-डीजल ₹10-15 तक महंगा हो सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
- शॉर्ट-टर्म: सतर्क रहें, सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करें।
- लॉन्ग-टर्म: मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में डिप्स पर खरीदारी का मौका।
- सेफ-हेवन: सोना, चांदी और गोल्ड ETF में निवेश बढ़ाएं।
- सेक्टर: FMCG, फार्मा और IT में रिलेटिवली सुरक्षित रह सकते हैं।
निष्कर्ष
ईरान-इजराइल युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे ने बाजार में भयंकर बिकवाली को ट्रिगर कर दिया। सेंसेक्स का 1700 अंकों का गिरना और रुपए का 92.28 पर पहुंचना इस बात का संकेत है कि तेल संकट भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोने-चांदी और डिफेंसिव सेक्टर पर नजर रखनी चाहिए। स्थिति अगले 24-48 घंटों में और स्पष्ट हो जाएगी।