IRFC $2 बिलियन ECB लोन जुटाएगा: बड़ी इंफ्रा परियोजनाओं के लिए, रेलवे सेक्टर को मिलेगी मजबूती
जापानी येन में लोन, रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए; ₹70,000 करोड़ के संसाधन जुटाने की योजना का हिस्सा, भारतीय रेलवे के विस्तार को मिलेगा बल
इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को वित्त पोषित करने के लिए $2 बिलियन (लगभग ₹16,700 करोड़) का एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) लोन जुटाने की घोषणा की है। यह लोन मुख्य रूप से जापानी येन में लिया जाएगा और भारतीय रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल होगा।
लोन का उद्देश्य
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने बताया कि कंपनी ने पहले ही एक कंसोर्टियम ऑफ बैंक्स के साथ JPY समकक्ष $1.1 बिलियन का ECB लोन एग्रीमेंट साइन कर लिया है। यह FY 2026-27 का पहला ECB ट्रांजेक्शन है। बाकी राशि जल्द ही जुटाई जाएगी।
इस लोन का इस्तेमाल:
- रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए
- फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज वाली परियोजनाओं के लिए
- रोलिंग स्टॉक, स्टेशन मॉडर्नाइजेशन और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।
₹70,000 करोड़ के संसाधन जुटाने की योजना
IRFC के बोर्ड ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹70,000 करोड़ के संसाधन जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। ECB लोन इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे कंपनी को सस्ती दर पर विदेशी फंडिंग मिलेगी और भारतीय रेलवे के विस्तार को गति मिलेगी।
क्यों जापानी येन में लोन?
जापानी येन में लोन लेने से:
- ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम रहेंगी
- मुद्रा जोखिम कम होगा
- लंबी अवधि (5 वर्ष) की फंडिंग उपलब्ध होगी
लोन टोक्यो ओवरनाइट एवरेज रेट (TONAR) पर बेंचमार्क किया गया है और यह अनसिक्योर्ड लोन है।
भारतीय रेलवे के लिए फायदा
यह लोन भारतीय रेलवे के महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं को मजबूती देगा। IRFC रेलवे की फाइनेंसिंग आर्म है और पिछले कई वर्षों से रोलिंग स्टॉक और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए फंड उपलब्ध करा रही है। इस अतिरिक्त फंडिंग से:
- नई ट्रेनें और वैगन खरीदे जा सकेंगे
- स्टेशनों का आधुनिकीकरण होगा
- हाई-स्पीड रेल और मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी
बाजार और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
विश्लेषकों का मानना है कि IRFC का यह कदम सही समय पर आया है। विदेशी फंडिंग से घरेलू बाजार पर दबाव कम होगा और रेलवे सेक्टर को सस्ती पूंजी मिलेगी। IRFC के शेयरों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई।
आगे क्या?
IRFC ने कहा कि जून तिमाही में ही डिस्बर्समेंट शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी आने वाले महीनों में और ECB या अन्य वित्तीय साधनों के जरिए फंड जुटाने की योजना बना रही है।
यह लोन न सिर्फ IRFC बल्कि पूरे भारतीय रेलवे इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण है।