ट्रम्प प्रशासन का नया फैसला, भारतीय सोलर मॉड्यूल्स और सेल्स पर भारी टैरिफ; निर्यातकों में हड़कंप, भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता पर संकट के बादल
नई दिल्ली: अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारतीय सोलर सेल्स और मॉड्यूल्स पर 126% की प्रारंभिक एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी (AD/CVD) लगाने का फैसला किया है। यह फैसला ट्रम्प प्रशासन की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत लिया गया है और भारतीय सोलर उद्योग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
अमेरिकी फैसले की मुख्य बातें
- प्रभावित उत्पाद: सोलर सेल्स, सोलर मॉड्यूल्स और कुछ सोलर पैनल कंपोनेंट्स
- ड्यूटी दर: 126% (एंटी-डंपिंग + काउंटरवेलिंग ड्यूटी का योग)
- अवधि: प्रारंभिक रूप से 5 वर्ष (रिव्यू के बाद बढ़ या घट सकती है)
- तत्काल प्रभाव: सभी नए आयात पर यह ड्यूटी लागू होगी
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने दावा किया है कि भारतीय कंपनियां सब्सिडी प्राप्त कर सस्ते दामों पर अमेरिकी बाजार में डंपिंग कर रही हैं, जिससे अमेरिकी सोलर मैन्युफैक्चरिंग को नुकसान हो रहा है।
भारतीय सोलर इंडस्ट्री पर असर
- भारत से अमेरिका को सोलर मॉड्यूल्स और सेल्स का निर्यात FY25 में लगभग $1.8–2.1 बिलियन था।
- 126% ड्यूटी से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी नहीं रहेंगे।
- प्रमुख प्रभावित कंपनियां: अदानी सोलर, वोडा सोलर, वाइरिस एनर्जी, रिन्यू सिस्टम्स, टाटा पावर सोलर और कई MSME निर्यातक।
- भारत में सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर भी असर — कई कंपनियों ने अमेरिकी बाजार के लिए ही कैपेसिटी बढ़ाई थी।
उद्योग की प्रतिक्रिया
- इंडिया सेल्यूलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA): यह फैसला भारतीय सोलर इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा झटका है। हमें तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप और WTO में चुनौती देने की जरूरत है।
- मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी: हम अमेरिकी फैसले की गहराई से जांच कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर WTO में केस दायर किया जाएगा।
- अदानी सोलर: कंपनी ने कहा कि वह अमेरिकी बाजार में अपनी रणनीति की समीक्षा करेगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता पर असर
यह फैसला भारत-अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील और मिनी पैकेज वार्ताओं पर नया संकट ला सकता है। भारतीय पक्ष ने पहले ही कहा था कि सोलर सेक्टर में कोई डंपिंग नहीं हो रही है और यह फैसला पूरी तरह राजनीतिक लगता है।
बाजार पर प्रतिक्रिया
- शुक्रवार को सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े शेयरों में 5–12% तक की गिरावट आई।
- अदानी ग्रीन, अदानी पावर, वोडा आईडिया, टाटा पावर और रिन्यू पावर जैसे शेयरों में भारी बिकवाली।
आगे क्या?
- भारत इस फैसले के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट में अपील कर सकता है।
- WTO में डिस्प्यूट उठाने की संभावना मजबूत।
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बातचीत पर नया दबाव।
यह फैसला भारतीय सोलर इंडस्ट्री के लिए गंभीर चुनौती है और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नया तनाव पैदा कर सकता है।