ईरान जंग से कच्चा तेल 2022 के बाद सबसे महंगा: 115 डॉलर के पार, एक्सपर्ट्स बोले: 150 डॉलर तक जा सकती है कीमत
होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव चरम पर, भारत का 45–50% तेल आयात खतरे में; पेट्रोल-डीजल ₹15–20 महंगा होने की आशंका, महंगाई 6% के पार जा सकती है
नई दिल्ली: इजराइल-ईरान युद्ध के तेजी से बढ़ते खतरे और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की सख्त चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतें आज 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। ब्रेंट क्रूड 115.40 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया, जबकि WTI क्रूड 112.80 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। वैश्विक ब्रोकरेज और एनर्जी एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट 7–10 दिन के लिए भी बंद हुआ तो कच्चा तेल 150 डॉलर तक पहुंच सकता है।
तेल की कीमतों में उछाल के मुख्य कारण
- ईरान की धमकी: ईरान ने कहा है कि इजराइल की किसी भी कार्रवाई पर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया जाएगा।
- होर्मुज से 21 मिलियन बैरल रोजाना तेल गुजरता है — वैश्विक सप्लाई का 20–25%।
- भारत पर सबसे बड़ा असर — भारत का 45–50% कच्चा तेल आयात इसी रास्ते से होता है (सऊदी, इराक, UAE, कुवैत से)।
- शिपिंग इंश्योरेंस प्रीमियम 500–600% तक बढ़ गया — कई टैंकर अब सफर से मना कर रहे हैं।
भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
- पेट्रोल-डीजल: अगर क्रूड $150 तक जाता है तो पेट्रोल-डीजल में ₹15–20 प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव।
- महंगाई का खतरा: CPI महंगाई 6% के पार जा सकती है।
- रुपया: डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया 93–94 के स्तर पर जा सकता है।
- निर्यात पर असर: पेट्रोकेमिकल्स, फार्मा, टेक्सटाइल जैसे निर्यात में लागत बढ़ने से 8–12% तक नुकसान संभव।
- कैपिटल मार्केट: सेंसेक्स-निफ्टी में 1,500–2,000 अंकों की और गिरावट का खतरा।
एक्सपर्ट्स का अनुमान
- जेपी मॉर्गन: होर्मुज बंद होने पर ब्रेंट $130–150 तक जा सकता है। भारत के लिए यह सबसे बड़ा सप्लाई शॉक होगा।
- क्रिसिल: तेल $100 के पार जाने पर भारत में महंगाई 1.8–2.2% बढ़ सकती है।
- मोतीलाल ओसवाल: सोना और गोल्ड ETF में 10–15% उछाल संभव। निवेशकों को डिप्स पर खरीदारी का मौका तलाशना चाहिए।
बाजार पर तत्काल असर
- सेंसेक्स: -1,800 अंक से ज्यादा गिरा (77,000 के नीचे)
- निफ्टी: -550 अंक से ज्यादा लुढ़का (23,000 के आसपास)
- तेल विपणन कंपनियां: IOC, BPCL, HPCL में 8–12% गिरावट
- सोना-चांदी: MCX गोल्ड ₹92,000 के पार, चांदी ₹1,22,000 के आसपास
निष्कर्ष
ईरान-इजराइल जंग और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट से कच्चा तेल 115 डॉलर के पार निकल गया है। भारत के लिए यह सबसे बड़ा तेल संकट बन सकता है। अगर रूट 7–10 दिन बंद रहा तो पेट्रोल-डीजल ₹15–20 महंगा हो सकता है और महंगाई 6% के पार जा सकती है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोने-चांदी और डिफेंसिव सेक्टर पर नजर रखनी चाहिए। स्थिति अगले 24–48 घंटों में और स्पष्ट हो जाएगी।