सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई: पेट्रोल-डीजल पर ₹10 की कटौती, इससे फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की कटौती कर दी है। यह फैसला ईरान-इजराइल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में हो रही तेजी और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बने संकट के बीच लिया गया है।
वित्त मंत्रालय ने आज जारी अधिसूचना में बताया कि पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर और डीजल पर भी ₹10 प्रति लीटर घटा दी गई है। इस कटौती के बाद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा क्यों न हो जाए।
सरकार का यह कदम आम जनता को महंगाई के बोझ से राहत देने के लिए उठाया गया है। ईरान-इजराइल युद्ध की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ तो भारत का तेल आयात बुरी तरह प्रभावित होगा। ऐसे में सरकार ने उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को कम करने के लिए तुरंत एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला लिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, सरकार जनता की मुश्किलों को समझती है। कच्चे तेल की अनिश्चितता के बीच हम आम आदमी को महंगाई से बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।”
इस फैसले से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी। परिवहन, किराना सामान और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर तत्काल अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। किसानों, ट्रक ड्राइवरों और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्साइज ड्यूटी में यह कटौती महंगाई को 0.4–0.6 प्रतिशत तक नियंत्रित रखने में मदद करेगी। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
यह फैसला ईरान-इजराइल तनाव के बीच आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगा। पेट्रोल-डीजल पर ₹10 प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी कटौती से न सिर्फ ईंधन की कीमतें स्थिर रहेंगी, बल्कि पूरे अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव भी कम होगा।