निवेशकों के लिए संकेत: टॉप-10 कंपनियों का मार्केट कैप ₹75,258 करोड़ बढ़ा

28

हफ्ते में रिलायंस और HDFC बैंक की वैल्यू घटी, TCS ने सबसे ज्यादा ₹28,000 करोड़ जोड़े; निवेशकों के लिए मार्केट कैप का महत्व

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की लिस्ट में उतार-चढ़ाव देखा गया। BSE डेटा के अनुसार, इनमें से 6 कंपनियों की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹75,258 करोड़ बढ़ गई, जबकि 4 की वैल्यू घटी। TCS इस हफ्ते टॉप गेनर रही, जिसने अकेले ₹28,000 करोड़ से अधिक जोड़े। रिलायंस इंडस्ट्रीज और HDFC बैंक की वैल्यू में कमी आई। कुल मिलाकर, टॉप-10 कंपनियों की संयुक्त मार्केट कैप ₹3.5 लाख करोड़ के करीब बनी रही। यह बदलाव बाजार सेंटिमेंट, FII इनफ्लो और सेक्टर परफॉर्मेंस से प्रभावित होता है। आइए समझते हैं कि मार्केट कैप क्या है और इसके बढ़ने-घटने का मतलब क्या होता है।

हफ्ते के टॉप गेनर्स और लूजर्स

पिछले हफ्ते (समाप्त 20 दिसंबर 2025) टॉप-10 कंपनियों में TCS, इंफोसिस, ICICI बैंक, भारती एयरटेल, ITC और SBI की मार्केट कैप बढ़ी। TCS ने सबसे ज्यादा ₹28,000 करोड़ जोड़े, उसके बाद इंफोसिस ₹15,000 करोड़। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यू ₹20,000 करोड़ घटी, जबकि HDFC बैंक में ₹10,000 करोड़ की कमी आई।

टॉप-10 लिस्ट में रिलायंस अभी भी नंबर-1 पर है (मार्केट कैप ₹18 लाख करोड़+), उसके बाद TCS, HDFC बैंक, भारती एयरटेल और ICICI बैंक। कुल बढ़त ₹75,258 करोड़ रही, जो IT और बैंकिंग सेक्टर की मजबूती को दर्शाती है।

मार्केट कैप क्या है?

मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) किसी कंपनी की कुल बाजार मूल्य को कहते हैं। यह कैलकुलेशन बहुत सरल है:

मार्केट कैप = कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या × वर्तमान शेयर प्राइस

उदाहरण: अगर किसी कंपनी के 100 करोड़ शेयर आउटस्टैंडिंग हैं और शेयर प्राइस ₹100 है, तो मार्केट कैप ₹10,000 करोड़ होगी। यह कंपनी के साइज का मापदंड है—लार्ज कैप (>₹20,000 करोड़), मिड कैप (₹5,000-20,000 करोड़) और स्मॉल कैप (<₹5,000 करोड़)।

मार्केट कैप बढ़ने-घटने का मतलब

  • बढ़ना: निवेशकों का कंपनी पर भरोसा बढ़ा है। कारण हो सकते हैं- अच्छे रिजल्ट्स, नया ऑर्डर, सेक्टर ग्रोथ या वैश्विक सेंटिमेंट। इससे कंपनी को सस्ते में फंड जुटाना आसान होता है (इक्विटी इश्यू से)।
  • घटना: निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। कारण- खराब रिजल्ट्स, सेक्टर दबाव, वैश्विक अनिश्चितता या प्रॉफिट बुकिंग। इससे कंपनी की वैल्यूएशन कम होती है, लोन महंगे हो सकते हैं।

मार्केट कैप शेयर प्राइस से सीधे जुड़ा है, लेकिन यह कंपनी की फंडामेंटल्स को पूरी तरह नहीं दर्शाता। P/E रेशियो जैसे अन्य मेट्रिक्स भी देखें।

टॉप गेनर्स (हफ्ते में)बढ़त (₹ करोड़)
TCS28,000
इंफोसिस15,000
ICICI बैंक10,000
कुल बढ़त (6 कंपनियां)75,258
टॉप लूजर्सकमी (₹ करोड़)
रिलायंस इंडस्ट्रीज20,000
HDFC बैंक10,000

आंकड़े अनुमानित, BSE डेटा पर आधारित।

बाजार पर प्रभाव: निवेशकों के लिए संकेत

यह हफ्ते की बढ़त IT और बैंकिंग सेक्टर की रिकवरी दिखाती है, जबकि रिलायंस पर तेल-रिटेल दबाव रहा। कुल मार्केट कैप बढ़ने से सेंटिमेंट पॉजिटिव है। निवेशक लॉन्ग-टर्म के लिए TCS-इंफोसिस जैसे स्टॉक्स पर फोकस कर सकते हैं।

निष्कर्ष

टॉप-10 कंपनियों में ₹75,258 करोड़ की बढ़त बाजार की मजबूती को दर्शाती है। मार्केट कैप कंपनी की बाजार वैल्यू का आईना है, जो निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करता है। TCS जैसी कंपनियां ग्रोथ दिखा रही हैं, जो पोर्टफोलियो के लिए अच्छा संकेत है। निवेश से पहले फंडामेंटल्स चेक करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.