सेमीकंडक्टर और AI में गहरा सहयोग, भारत बनेगा ग्लोबल चिप हब; निवेश 50 अरब डॉलर से ऊपर आने की उम्मीद
नई दिल्ली: AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत और अमेरिका के बीच ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) समझौते पर हस्ताक्षर हो गए हैं। यह समझौता सेमीकंडक्टर, चिप मैन्युफैक्चरिंग और AI हार्डवेयर में दोनों देशों के बीच अभूतपूर्व सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की जल्द होने वाली मुलाकात में इस समझौते को और मजबूती मिलेगी।
‘पैक्स सिलिका’ समझौते की मुख्य बातें
- चिप मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग — भारत में 2 नए फाउंड्री प्लांट्स (28nm से 3nm तक) लगाने में अमेरिकी कंपनियों की भागीदारी
- AI हार्डवेयर और GPU सप्लाई — NVIDIA, AMD और Intel जैसी कंपनियां भारत में AI चिप्स और GPU असेंबली शुरू करेंगी
- रिसर्च और ट्रेनिंग — दोनों देशों में संयुक्त AI-चिप रिसर्च सेंटर्स और 10 लाख युवाओं को स्किल ट्रेनिंग
- निवेश का लक्ष्य — अगले 5 साल में 50 अरब डॉलर से ज्यादा FDI
- रोजगार सृजन — चिप सेक्टर में 10 लाख+ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां (2026-2030)
पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री ने समिट में कहा:
“पैक्स सिलिका सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि भारत को तकनीकी सुपरपावर बनाने का मार्ग है। यह समझौता हमारे युवाओं के लिए लाखों नौकरियां लाएगा और भारत को ग्लोबल चिप हब बनाएगा।”
ट्रम्प का संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वीडियो संदेश में कहा:
“भारत के साथ हमारा सहयोग अब चिप्स और AI तक पहुंच गया है। यह दोनों देशों के लिए जीत है। हम जल्द ही मिलकर इस साझेदारी को और मजबूत करेंगे।”
भारत के लिए क्या मतलब?
- चिप सेक्टर में आत्मनिर्भरता — भारत अब सिर्फ असेंबली नहीं, बल्कि फाउंड्री और डिजाइन में भी आगे बढ़ेगा
- रोजगार का नया दौर — 10 लाख से ज्यादा हाई-स्किल्ड जॉब्स (इंजीनियरिंग, R&D, मैन्युफैक्चरिंग)
- ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत — चीन+1 रणनीति में भारत सबसे बड़ा लाभार्थी बनेगा
- AI और टेक्नोलॉजी में लीडरशिप — Jio Intelligence जैसे मॉडल्स के साथ अब हार्डवेयर सपोर्ट भी मजबूत होगा
बाजार पर तत्काल असर
समझौते की खबर के बाद:
- टाटा एलीक्रॉनिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयर चढ़े
- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेशकों का भारी उत्साह
निष्कर्ष
‘पैक्स सिलिका’ समझौता भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय है। चिप मैन्युफैक्चरिंग, AI हार्डवेयर और रोजगार सृजन में यह समझौता ऐतिहासिक साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प की जल्द होने वाली मुलाकात इस साझेदारी को और मजबूत करेगी। भारत अब AI और सेमीकंडक्टर में सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सृजनकर्ता बनने की राह पर है।