₹8 लाख करोड़ गंवाए! इजराइल-ईरान तनाव से सेंसेक्स 1,000 अंक टूटा, बाजार में भयंकर बिकवाली

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मिडिल ईस्ट में युद्ध का डर, कच्चा तेल $90 के पार; FII ने ₹4,200 करोड़ निकाले, बैंकिंग-ऑटो-मेटल शेयरों में 3-7% तक गिरावट

मुंबई: वैश्विक बाजारों में इजराइल-ईरान तनाव के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा गिरकर 84,200 के नीचे चला गया, जबकि निफ्टी 25,300 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार का कुल नुकसान लगभग ₹8 लाख करोड़ का अनुमान है।

गिरावट के मुख्य कारण

  1. इजराइल-ईरान युद्ध का डर
    • ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में इजराइली जहाजों पर हमले की धमकी दी।
    • दुनिया का 20-25% कच्चा तेल इसी रूट से गुजरता है।
    • ब्रेंट क्रूड $90 के पार पहुंच गया।
  2. FII की भारी बिकवाली
    • आज FII ने ₹4,200 करोड़ से ज्यादा की नेट बिकवाली की।
    • जनवरी-फरवरी में कुल आउटफ्लो अब ₹35,000 करोड़ के पार।
  3. कच्चे तेल की तेजी से महंगाई का खतरा
    • भारत 85% तेल आयात करता है।
    • पेट्रोल-डीजल में ₹5-8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव।
    • इससे महंगाई बढ़ेगी और उपभोक्ता खर्च पर असर पड़ेगा।
  4. सेक्टर-विशेष गिरावट
    • बैंकिंग: HDFC Bank (-2.1%), ICICI Bank (-1.9%), SBI (-1.7%)
    • ऑटो: मारुति (-3.2%), टाटा मोटर्स (-4.1%)
    • मेटल: टाटा स्टील (-4.8%), JSW स्टील (-5.1%)
    • तेल विपणन कंपनियां: IOC, BPCL, HPCL में 4-6% गिरावट

विशेषज्ञों की राय

  • कोटक सिक्योरिटीज: होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव से तेल $100 तक जा सकता है। शॉर्ट-टर्म में बाजार में दबाव रहेगा।
  • मोतीलाल ओसवाल: FII बिकवाली और तेल की तेजी से निफ्टी 25,000 के नीचे जा सकता है। सेफ-हेवन में सोना और गोल्ड ETF में निवेश बढ़ेगा।”
  • जेपी मॉर्गन: भारत के लिए यह सबसे बड़ा जोखिम है। अगर रूट 10 दिन बंद रहा तो महंगाई 1.5-2% बढ़ सकती है।

निवेशकों के लिए सलाह

  • शॉर्ट-टर्म: सतर्क रहें, सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करें।
  • लॉन्ग-टर्म: डिप्स पर मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में खरीदारी का मौका।
  • सेफ-हेवन: सोना, चांदी और गोल्ड ETF में निवेश बढ़ाएं।
  • सेक्टर: FMCG, फार्मा और IT में रिलेटिवली सुरक्षित रह सकते हैं।

निष्कर्ष

ईरान-इजराइल तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे ने बाजार में भयंकर बिकवाली को ट्रिगर कर दिया। ₹8 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान और 1,000 अंकों की गिरावट इस बात का संकेत है कि तेल संकट भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोने-चांदी और डिफेंसिव सेक्टर पर नजर रखनी चाहिए। स्थिति अगले 24-48 घंटों में और स्पष्ट हो जाएगी।

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