AI कंटेंट पर लेबल अनिवार्य: आज से नए नियम लागू, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक 3 घंटे में हटाना होगा
सरकार ने जारी किए सख्त दिशानिर्देश, डीपफेक और AI जनरेटेड कंटेंट पर लेबलिंग जरूरी; उल्लंघन पर 50 लाख तक जुर्माना, सोशल मीडिया कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आज से AI जनरेटेड कंटेंट और डीपफेक पर नए नियम लागू कर दिए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि AI से बने फोटो, वीडियो या ऑडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, किसी भी डीपफेक या मिसलीडिंग AI कंटेंट की शिकायत मिलने पर उसे 3 घंटे के अंदर हटाना होगा।
नए नियमों की मुख्य बातें
- AI जनरेटेड कंटेंट पर लेबल अनिवार्य सभी AI से बने फोटो, वीडियो, ऑडियो या टेक्स्ट पर स्पष्ट रूप से “AI Generated” या “AI Created” लिखा होना चाहिए। लेबल हिंदी और अंग्रेजी दोनों में होना अनिवार्य है।
- डीपफेक हटाने की समय सीमा
- डीपफेक या मिसलीडिंग AI कंटेंट की शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म को 3 घंटे के अंदर उसे हटाना होगा।
- उल्लंघन पर पहली बार ₹50 लाख तक जुर्माना, दोबारा उल्लंघन पर ₹5 करोड़ तक और अकाउंट ब्लॉक करने की कार्रवाई हो सकती है।
- प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी
- फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर), टेलीग्राम, शेयरचैट आदि सभी इंटरमीडिएट प्लेटफॉर्म्स पर नियम लागू।
- प्लेटफॉर्म्स को AI कंटेंट डिटेक्शन टूल लगाना अनिवार्य।
- हर महीने AI/डीपफेक कंटेंट पर कार्रवाई की रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।
सरकार का उद्देश्य
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा:
“AI और डीपफेक का दुरुपयोग लोकतंत्र, समाज और व्यक्तिगत सम्मान के लिए खतरा बन रहा है। नए नियमों से पारदर्शिता आएगी और आम नागरिक सुरक्षित रहेगा। तकनीक का उपयोग विकास के लिए हो, न कि गलत सूचना फैलाने के लिए।”
बाजार और सोशल मीडिया पर असर
- फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स ने पहले ही AI लेबलिंग टूल्स शुरू कर दिए हैं।
- भारत में डीपफेक कंटेंट की संख्या पिछले 6 महीने में 300% बढ़ी है।
- नियमों के लागू होने से सोशल मीडिया कंपनियों पर मॉनिटरिंग और कंटेंट रिमूवल का खर्च बढ़ेगा।
विशेषज्ञों की राय
- साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स: यह नियम समय की मांग है, लेकिन प्रभावी कार्यान्वयन की चुनौती रहेगी।
- डिजिटल राइट्स एक्टिविस्ट्स: लेबलिंग अच्छा कदम है, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी पर असर न पड़े, इसकी निगरानी जरूरी।
निष्कर्ष
आज से लागू हुए नए नियम AI और डीपफेक कंटेंट पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब 3 घंटे के अंदर कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा भारी जुर्माना और ब्लॉकिंग का खतरा है। यह नियम भारत को डिजिटल स्पेस में सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।