ईरान-इजराइल युद्ध से भारत पर तेल संकट: 50% सप्लाई खतरे में, सोना-चांदी की कीमतें उछल सकती हैं; होर्मुज स्ट्रेट बंद होने पर 10% निर्यात भी प्रभावित
होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव बढ़ने से भारत का 45-50% कच्चा तेल आयात प्रभावित; क्रूड $90 के पार जाने की आशंका, महंगाई और रुपए पर दबाव बढ़ेगा
नई दिल्ली: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को हिला दिया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में इजराइली जहाजों पर हमले की धमकी दी है, जिससे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट खतरे में पड़ गया है। भारत के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर है, क्योंकि भारत का लगभग 45-50% कच्चा तेल आयात इसी रास्ते से होता है।
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व
- होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना 21 मिलियन बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो दुनिया के कुल तेल व्यापार का 20-25% है।
- भारत का सऊदी अरब, इराक, UAE, कुवैत से आने वाला अधिकांश तेल इसी रूट से आता है।
- अगर यह रूट 7-10 दिन के लिए भी बंद हुआ तो भारत में तेल की कमी और कीमतों में उछाल लगभग तय है।
भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
- तेल की कीमतें: ब्रेंट क्रूड पहले ही $82 के पार पहुंच चुका है। रूट बंद होने पर $90-100 तक जाने का अनुमान।
- पेट्रोल-डीजल: ₹5-10 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी संभव।
- महंगाई: ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और विनिर्माण लागत बढ़ेगी, CPI महंगाई 5% के पार जा सकती है।
- रुपया: डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया 92-93 के स्तर पर जा सकता है।
- निर्यात पर असर: 10% से ज्यादा निर्यात (विशेषकर पेट्रोकेमिकल्स, फार्मा, टेक्सटाइल) पर लागत बढ़ने से प्रभाव पड़ेगा।
सोना-चांदी में उछाल की संभावना
- जियो-पॉलिटिकल तनाव और तेल संकट से सोना सेफ-हेवन एसेट के रूप में चमकेगा।
- सोना $2,900-3,000 प्रति औंस और चांदी $35-38 प्रति औंस के स्तर तक जा सकती है।
- भारत में सोना ₹85,000-90,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,10,000-1,20,000 प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान।
सरकार और RBI की तैयारी
- तेल रिजर्व: भारत के पास 74 दिन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व है, जो 2-3 महीने की कमी झेल सकता है।
- RBI: रुपए की रक्षा के लिए इंटरवेंशन कर सकता है।
- वैकल्पिक रूट: अफ्रीका और अमेरिका से तेल आयात बढ़ाने की योजना।
विशेषज्ञों की राय
- क्रिसिल: होर्मुज बंद होने पर भारत में महंगाई 1-1.5% तक बढ़ सकती है।
- मोतीलाल ओसवाल: सोना-चांदी में 8-12% उछाल संभव। निवेशकों को डिप्स पर खरीदारी का मौका तलाशना चाहिए।
- FIEO: निर्यातकों को लागत बढ़ने से नुकसान होगा। सरकार को तत्काल राहत पैकेज देना चाहिए।
निष्कर्ष
ईरान-इजराइल तनाव से होर्मुज स्ट्रेट पर संकट मंडराने लगा है, जो भारत के लिए तेल संकट और महंगाई का सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। अगर रूट 10-15 दिन बंद रहा तो पेट्रोल-डीजल ₹10 तक महंगा हो सकता है। सोना-चांदी में उछाल लगभग तय है। सरकार और RBI को तत्काल कदम उठाने होंगे। निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोने-चांदी में डिप्स पर खरीदारी का मौका तलाशना चाहिए।