मोदी-मैक्रों की मुलाकात: पीएम बोले- फ्रांस के साथ साझेदारी की कोई सीमा नहीं

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दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, न्यूक्लियर, AI और इंडो-पैसिफिक में सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई; भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का ऐलान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच आज हुई उच्च-स्तरीय मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी की कोई सीमा नहीं है और दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।

दोनों नेताओं की यह मुलाकात भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई। बैठक में रक्षा, अंतरिक्ष, न्यूक्लियर एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, सिविल एविएशन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।

पीएम मोदी के प्रमुख बयान

प्रधानमंत्री ने बैठक के बाद संयुक्त प्रेस स्टेटमेंट में कहा:

“फ्रांस हमारे लिए एक विश्वसनीय और रणनीतिक साझेदार है। रक्षा से लेकर अंतरिक्ष, न्यूक्लियर से लेकर AI तक — हमारे सहयोग की कोई सीमा नहीं है। हम साथ मिलकर न केवल अपने देशों, बल्कि पूरी दुनिया के लिए सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करेंगे।”

बैठक के प्रमुख फैसले और सहमति

  1. रक्षा सहयोग
    • राफेल जेट्स की संख्या बढ़ाने और नए स्क्वाड्रन की स्थापना पर चर्चा
    • नेक्स्ट-जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट (NGFA) प्रोजेक्ट में फ्रांस के साथ संयुक्त विकास
    • मरीन स्ट्राइक फोर्स और सबमरीन को-प्रोडक्शन पर तेजी लाने का फैसला
  2. अंतरिक्ष सहयोग
    • ट्रिशूल (Trishul) प्रोजेक्ट के तहत संयुक्त सैटेलाइट मिशन
    • गगनयान में फ्रांस की तकनीकी सहायता और क्रू ट्रेनिंग
  3. न्यूक्लियर एनर्जी
    • जेतापुर में 6 EPR रिएक्टरों के निर्माण को तेज करने का ऐलान
    • छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) में संयुक्त R&D
  4. AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी
    • भारत-फ्रांस AI पार्टनरशिप फ्रेमवर्क पर सहमति
    • Jio Intelligence और फ्रांस के AI मॉडल्स में सहयोग की संभावना
  5. ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट
    • 2030 तक 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लक्ष्य में फ्रांस की तकनीक का उपयोग
    • इंडो-पैसिफिक में ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर पर काम तेज

दोनों नेताओं की संयुक्त घोषणा

  • भारत-फ्रांस 2047 विजन डॉक्यूमेंट जारी किया जाएगा, जिसमें दोनों देश 2047 तक की साझा रणनीति तय करेंगे।
  • इंडो-पैसिफिक ट्रिलेटरल फोरम (भारत-फ्रांस-ऑस्ट्रेलिया) को और मजबूत करने पर सहमति।
  • संयुक्त साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क पर काम शुरू।

बाजार और निवेशकों पर असर

बैठक के बाद रक्षा, एयरोस्पेस, न्यूक्लियर और टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों में तेजी देखी गई। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), लार्सन एंड टुब्रो, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 2-5% तक चढ़े।

निष्कर्ष

मोदी-मैक्रों की मुलाकात ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई गति और नई दिशा दी है। रक्षा, अंतरिक्ष, न्यूक्लियर, AI और ग्रीन एनर्जी में गहरे सहयोग से दोनों देश न केवल एक-दूसरे के लिए, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि के लिए मजबूत साझेदार बनेंगे। यह साझेदारी ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को और मजबूत करेगी।

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