SEBI ने गोल्ड और सिल्वर में निवेश की सीमा बढ़ाई: इक्विटी म्यूचुअल फंड्स अब 35% तक लगा सकेंगे

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नए नियम से इक्विटी फंड्स में गोल्ड-सिल्वर एक्सपोजर 15% से बढ़कर 35% हुआ; निवेशकों को मिलेगा बेहतर डायवर्सिफिकेशन और हेजिंग का मौका

मुंबई: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आज एक अहम बदलाव करते हुए इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स के लिए गोल्ड और सिल्वर में निवेश की सीमा को 15% से बढ़ाकर 35% कर दिया है। यह फैसला म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री और निवेशकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब इक्विटी फंड्स ज्यादा लचीले ढंग से गोल्ड और सिल्वर में निवेश कर सकेंगे।

मुख्य बदलाव और प्रभाव

  • पहले इक्विटी म्यूचुअल फंड्स गोल्ड और सिल्वर (फिजिकल या ETF के जरिए) में कुल 15% तक ही निवेश कर सकते थे।
  • नए नियम के तहत यह सीमा बढ़ाकर 35% कर दी गई है।
  • यह बदलाव आज से लागू हो गया है।
  • फंड हाउसेज अब अपने इक्विटी स्कीम्स में ज्यादा हिस्सा गोल्ड-सिल्वर को दे सकते हैं, जिससे पोर्टफोलियो में बेहतर डायवर्सिफिकेशन और इन्फ्लेशन/मार्केट गिरावट के खिलाफ हेजिंग संभव हो जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

SEBI ने अपने सर्कुलर में कहा कि गोल्ड और सिल्वर को एक मजबूत असेट क्लास माना जाता है, जो:

  • इन्फ्लेशन हेज के रूप में काम करता है
  • इक्विटी मार्केट की गिरावट में स्थिरता देता है
  • पोर्टफोलियो रिस्क को कम करता है

इसलिए निवेशकों को ज्यादा लचीलापन देने और फंड्स को बेहतर रिस्क-रिटर्न बैलेंस बनाने के लिए सीमा बढ़ाई गई है।

निवेशकों और फंड हाउसेज पर असर

  • निवेशकों को फायदा: इक्विटी फंड्स में अब ज्यादा गोल्ड-सिल्वर एक्सपोजर मिलेगा, जिससे बाजार की अस्थिरता में नुकसान कम हो सकता है।
  • फंड मैनेजर्स को राहत: वे अब ज्यादा लचीले ढंग से एसेट अलोकेशन कर सकेंगे, खासकर हाई-वोलेटिलिटी वाले दौर में।
  • कुछ फंड्स पहले ही तैयार: कई फंड हाउसेज (जैसे HDFC, ICICI Pru, SBI, Kotak) ने कहा है कि वे जल्द ही अपनी स्कीम्स में गोल्ड-सिल्वर एक्सपोजर बढ़ाएंगे।

विशेषज्ञों की राय

  • यह फैसला समय की मांग था। गोल्ड और सिल्वर इक्विटी पोर्टफोलियो के लिए अच्छा डायवर्सिफायर हैं। -AMFI प्रवक्ता
  • 35% तक की सीमा से फंड्स को ज्यादा रणनीतिक स्वतंत्रता मिलेगी, जिससे रिटर्न बेहतर हो सकते हैं। -मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड
  • निवेशकों को फायदा होगा, लेकिन फंड हाउसेज को सावधानी से अलोकेशन करना होगा ताकि इक्विटी का कोर कैरेक्टर बना रहे।- क्रिसिल रेटिंग्स

निष्कर्ष

SEBI का यह फैसला इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को और आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अब निवेशक बिना अलग गोल्ड फंड में पैसा लगाए, इक्विटी फंड्स के जरिए गोल्ड-सिल्वर एक्सपोजर ले सकेंगे। यह कदम बाजार में अस्थिरता के दौर में निवेशकों को बेहतर सुरक्षा और रिटर्न का मौका देगा।

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