रूस से कच्चा तेल खरीदने की राह खुली: ईरान जंग के बीच अमेरिका ने 3 अप्रैल तक भारत को रियायत दी, क्रूड $89 के पार

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होर्मुज संकट में अमेरिका की राहत, भारत को रूसी तेल पर प्रतिबंध से छूट; तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई का खतरा

नई दिल्ली: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत देते हुए रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति 3 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी है। अमेरिकी वित्त विभाग (OFAC) ने आज एक विशेष लाइसेंस जारी कर भारत को रूसी तेल आयात पर मौजूदा प्रतिबंधों से छूट दी है। यह फैसला होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते संकट के कारण लिया गया, जहां से भारत का 45-50% तेल आयात होता है।

अमेरिका की रियायत के मुख्य बिंदु

  • छूट की अवधि: 3 अप्रैल 2026 तक (अभी तक 28 फरवरी तक थी, अब 35 दिन का एक्सटेंशन)
  • लागू तेल: रूसी Urals, ESPO और Sokol ग्रेड्स पर छूट
  • शर्तें: भारत को रूसी तेल की कीमत G7 प्राइस कैप ($60 प्रति बैरल) से नीचे ही खरीदनी होगी
  • उद्देश्य: होर्मुज बंद होने पर भारत को वैकल्पिक सप्लाई सुनिश्चित करना

तेल बाजार पर तत्काल असर

  • ब्रेंट क्रूड आज $89.20 के पार पहुंच गया (दिन में 4.8% उछाल)
  • WTI क्रूड $85.40 के आसपास
  • भारत में पेट्रोल-डीजल में ₹4-7 प्रति लीटर की बढ़ोतरी संभव (अगर सरकार सब्सिडी नहीं बढ़ाती)

भारत के लिए क्या मतलब?

  • सकारात्मक — रूसी तेल सस्ता मिलने से भारत की आयात बिल में राहत, रूस अब भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता (35-40% हिस्सा)
  • नकारात्मक — होर्मुज बंद होने पर मिडिल ईस्ट से आने वाला तेल रुक सकता है, जिससे आपात स्थिति पैदा हो सकती है
  • महंगाई का खतरा — तेल $90 के पार जाने से CPI महंगाई 5% के ऊपर जा सकती है
  • रुपया पर दबाव — डॉलर की मांग बढ़ने से रुपया 92.50-93 के स्तर पर जा सकता है

विशेषज्ञों की राय

  • क्रिसिल: होर्मुज बंद होने पर भारत में पेट्रोल-डीजल ₹10 तक महंगा हो सकता है।
  • मोतीलाल ओसवाल: रूसी तेल की छूट राहत है, लेकिन लंबे समय तक होर्मुज संकट बना रहा तो महंगाई बढ़ेगी।
  • जेपी मॉर्गन: भारत के लिए यह सबसे बड़ा जोखिम है। रूस से आयात बढ़ाकर भारत संकट झेल सकता है।

निष्कर्ष

अमेरिका की रियायत से भारत को रूस से तेल खरीदने की राह आसान हुई है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव से तेल की कीमतें $90 के पार पहुंच गई हैं। इससे महंगाई और रुपए पर दबाव बढ़ेगा। निवेशकों को सतर्क रहते हुए सोने-चांदी और डिफेंसिव सेक्टर पर नजर रखनी चाहिए। स्थिति अगले कुछ दिनों में और स्पष्ट हो जाएगी।

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