ट्रम्प ने सभी देशों पर 10% नया टैरिफ लगाया: भारत का 18% पुराना टैरिफ खत्म, सुप्रीम कोर्ट के 3 घंटे पुराने आदेश के बाद नया फैसला

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पुराने टैरिफ को रद्द किया था, लेकिन ट्रम्प ने तुरंत सभी देशों पर 10% यूनिवर्सल टैरिफ लागू कर दिया; भारत-अमेरिका ट्रेड पर नया दौर शुरू, भारतीय निर्यातकों में मिश्रित प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर व्यापार नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सभी देशों पर 10% यूनिवर्सल टैरिफ (सार्वभौमिक शुल्क) लागू कर दिया है। यह फैसला महज 3 घंटे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ को रद्द करने के फैसले के बाद आया है।

सुप्रीम कोर्ट ने आज सुबह ही ट्रम्प प्रशासन द्वारा भारत सहित कई देशों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ (भारत पर 18%) को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि राष्ट्रपति को अकेले टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है यह शक्ति कांग्रेस के पास है।

लेकिन कोर्ट के फैसले के 3 घंटे बाद ही ट्रम्प ने व्हाइट हाउस से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी देशों पर 10% बेसिक इंपोर्ट टैरिफ लागू करने की घोषणा कर दी।

ट्रम्प का नया टैरिफ क्या है?

  • यह टैरिफ सभी देशों पर लागू होगा (चाहे पुराना टैरिफ था या नहीं)।
  • भारत पर पहले से चल रहा 18% अतिरिक्त टैरिफ कोर्ट के फैसले से खत्म हो गया था।
  • अब भारत पर भी केवल 10% यूनिवर्सल टैरिफ लागू होगा।
  • कुछ अपवाद: रक्षा उपकरण, कुछ दवाइयां और रणनीतिक खनिज अभी भी छूट में हैं।

भारत पर क्या असर पड़ेगा?

  • पॉजिटिव — 18% से घटकर 10% होने से टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो कंपोनेंट्स, आईटी हार्डवेयर और जेम्स-ज्वेलरी जैसे निर्यात सस्ते होंगे।
  • नेगेटिव — पहले कई भारतीय प्रोडक्ट्स पर 0–5% टैरिफ था, अब सभी पर 10% लगेगा।
  • कुल मिलाकर भारतीय निर्यातकों को मध्यम राहत मिलेगी, लेकिन पूरी छूट नहीं।

बाजार पर तत्काल प्रतिक्रिया

  • अमेरिकी बाजार में गिरावट के बाद तेजी आई।
  • टेक्सटाइल (आरविंद, वेलस्पन), फार्मा (सन, डॉ. रेड्डीज), ऑटो (टाटा मोटर्स, मारुति) और आईटी (TCS, इंफोसिस) शेयरों में 2–5% तक की तेजी आ सकती हैं।

विशेषज्ञों की राय

  • FIEO: 18% से 10% तक की कटौती राहत है, लेकिन हमें 0% तक जाना चाहिए।
  • CITI: टेक्सटाइल निर्यात में 12–15% बढ़ोतरी संभव।
  • गोल्डमैन सैक्स: यह भारत-अमेरिका ट्रेड रिलेशंस में नया अध्याय है। मिनी ट्रेड पैकेज जल्द फाइनल हो सकता है।

आगे क्या?

  • ट्रम्प प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है।
  • भारत-अमेरिका मिनी ट्रेड पैकेज पर बातचीत तेज होने की संभावना।
  • भारतीय निर्यातकों को अब अमेरिकी बाजार में पहले से बेहतर स्थिति मिलेगी।

यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नया मोड़ ला सकता है और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजारों में मजबूत स्थिति दिला सकता है।

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