वेदांता ग्रुप ने महिलाओं की भागीदारी 35% करने का लक्ष्य रखा
कंपनी ने 2028 तक कार्यबल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 35% तक बढ़ाने का ऐलान किया; डायवर्सिटी, इक्विटी और इनक्लूजन पर जोर, लीडरशिप रोल्स में भी बढ़ोतरी का लक्ष्य
नई दिल्ली: वेदांता ग्रुप ने आज अपने कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य की घोषणा की है। ग्रुप का लक्ष्य 2028 तक कुल कार्यबल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 35% तक पहुंचाना है। वर्तमान में कंपनी में महिलाओं की भागीदारी 22% के आसपास है।
यह ऐलान वेदांता ग्रुप की डायवर्सिटी, इक्विटी और इनक्लूजन (DE&I) नीति के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य न केवल जेंडर बैलेंस सुनिश्चित करना है, बल्कि लीडरशिप और तकनीकी भूमिकाओं में महिलाओं की मौजूदगी को भी बढ़ाना है।
वेदांता ग्रुप के प्रमुख लक्ष्य (DE&I 2028 विजन)
- कुल कार्यबल में महिलाएं: 35% (वर्तमान 22%)
- लीडरशिप रोल्स (VP और ऊपर): महिलाओं का प्रतिनिधित्व 25% तक
- तकनीकी और इंजीनियरिंग भूमिकाएं: महिलाओं की भागीदारी 30% तक
- नई भर्तियों में: कम से कम 40% महिलाएं
- विशेष कार्यक्रम:
- महिलाओं के लिए लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम
- मेंटरशिप और स्पॉन्सरशिप पहल
- फ्लेक्सिबल वर्किंग, क्रेच सुविधा और सेफ्टी प्रोटोकॉल का विस्तार
कंपनी का बयान
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा:
“हमारा मानना है कि विविधता न केवल नैतिक रूप से सही है, बल्कि बिजनेस के लिए भी सबसे अच्छा है। 35% महिलाओं का लक्ष्य हमें अधिक नवाचार, बेहतर निर्णय लेने और मजबूत टीम बनाने में मदद करेगा। यह लक्ष्य हमारी कंपनी को वैश्विक स्तर पर और भी प्रतिस्पर्धी बनाएगा।”
ग्रुप की चीफ पीपल ऑफिसर और DE&I प्रमुख ने बताया कि कंपनी ने पिछले 3 साल में महिलाओं की भर्ती में 38% की बढ़ोतरी की है और अब इसे लीडरशिप स्तर तक ले जाना चाहती है।
बाजार और निवेशकों पर असर
- DE&I पर फोकस से कंपनी की ESG रेटिंग में सुधार की उम्मीद
- कई संस्थागत निवेशक और ग्लोबल फंड्स DE&I को निवेश का महत्वपूर्ण पैमाना मानते हैं
- वेदांता के शेयर में आज हल्की तेजी देखी गई (0.8–1.2% ऊपर)
निष्कर्ष
वेदांता ग्रुप का 35% महिलाओं का लक्ष्य न केवल जेंडर इक्विटी की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और सस्टेनेबिलिटी रणनीति का हिस्सा भी है। यह कदम भारत में कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।