शहरी विकास और निवेश के क्षेत्र में नया अध्याय लिखेगा एमपी, इंदौर में 11 जुलाई को होगा मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025
मध्यप्रदेश अब शहरी विकास और निवेश के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। 11 जुलाई 2025 को इंदौर के ब्रिलिएंटकन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाला “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025” इस दिशा में एक बड़ा महत्वपूर्ण कदम है। “नेक्स्ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” की थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश को भविष्योन्मुखी शहरी अधोसंरचना, सतत विकास, और व्यापक निवेश के लिए एक मंच प्रदान करेगा। यह महत्वपूर्ण आयोजन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जा रहा है।
निवेश और नगरीय पुनर्निर्माण के पथ पर अग्रसर एमपी
‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को बढ़ावा देना और व्यापक निवेश को आकर्षित करना है। यह आयोजन आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश सरकार इस अवसर को राज्य को वैश्विक निवेश और नगरीय पुनर्निर्माण के पथ पर अग्रसर करने के लिए एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य रीयल एस्टेट, आतिथ्य, पर्यटन, और अन्य संबंधित क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से सरकार की योजना मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की योजना है।
मध्यप्रदेश बनेगा निवेश का आकर्षक केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे और उद्योगपतियों के साथ सीधा संवाद करेंगे। देशभर से 1500 से अधिक उद्योगपति, निवेशक और रियल एस्टेट, आतिथ्य, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों के हितधारक इस आयोजन में शामिल होंगे। कॉन्क्लेव के दौरान एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी जिसमें क्रेडाई, होटल इंडस्ट्री, टूरिज्म, इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए), नगर निगम, स्मार्ट सिटी आदि के कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। इंदौर और उज्जैन सहित कई शहरों के बेशकीमती भूखंडों का प्रेजेंटेशन भी होगा जो निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा जिससे निवेश की अनगिनत संभावनाओं को नए पंख लगेंगे।
मध्यप्रदेश में विशेषकर इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी विस्तार की जबरदस्त संभावनाएं हैं। यहां सस्ती ज़मीन, प्रशिक्षित श्रमिक और बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी जैसे कारक निजी निवेश को आकर्षित कर रहे हैं।इस आयोजन का लक्ष्य मध्यप्रदेश को निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र बनाना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।राज्य सरकार का कहना है कि यह कॉन्क्लेव केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात नहीं करेगा, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक शहर विकास मॉडल की रूपरेखा तैयार करेगा।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने को तैयार है। एमपी के पास निवेश के लिए जरूरी भूमि, बिजली, पानी और पर्याप्त श्रमशक्ति भी उपलब्ध है। प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों में वो प्रोत्साहन योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रियल एस्टेट कंपनियां निवेश की ओर आकर्षित होंगी।मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 न केवल निवेश को बढ़ावा देगा बल्कि राज्य के शहरी विकास को नए क्षितिज तक ले जाएगा। यह कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो नगरीय अधोसंरचना को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में योगदान देगा। इस आयोजन के माध्यम से इंदौर भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान को और सशक्त करेगा।