प्रदेश में हर तीसरे दिन उद्योग जगत को नई सौगात और युवाओं को मिल रहे हैं रोजगार के अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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  • प्रधानमंत्री मोदी ‘भारत फर्स्ट’ की भावना से देश के किसान और उद्योगपतियों के लिए हैं संघर्षरत
  • सीहोर के बड़ियाखेड़ी में 2000 करोड़ रुपए के निवेश से नए उद्योग किए जाएंगे आरंभ
  • आगामी वर्षों में सीहोर, भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी का होगा महत्वपूर्ण हिस्सा
  • मुख्यमंत्री ने सीहोर के बड़ियाखेड़ी में नई औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और आशय-पत्र का किया वितरण

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बदलते दौर में भारत की भूमिका विश्व में निरंतर महत्वपूर्ण हो रही है। भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था। आज भारत सोने के बाघ की तरह दहाड़ रहा है। प्रधानमंत्री ‘भारत फर्स्ट’ की भावना से देश के किसान और उद्योगपतियों के लिए दुनिया से लोहा लेने को तैयार हैं। उनकी मंशा के अनुरूप प्रदेश में हर दूसरे या तीसरे दिन उद्योगों को नई सौगात और युवाओं को रोजगार का लाभ मिल रहा है।

इसी क्रम में सीहोर के बड़ियाखेड़ी में 2000 करोड़ रुपए के निवेश से नए उद्योग आरंभ किए जाएंगे। सीहोर में जल्द ही एक लाख मैट्रिक टन सब्जियों की खरीद की व्यवस्था शुरू होगी, जिससे जिले के दो लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। पावर ट्रांसफार्मर इकाई लगने से भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सीहोर को “पार्वती काली सिंध चंबल परियोजना” का लाभ भी मिलेगा। आगामी वर्षों में सीहोर, भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सीहोर जिले के बडियाखेड़ी में नई औद्योगिक इकाइयों के भूमि-पूजन और आशय-पत्र वितरण कार्यक्रम में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में 400 से अधिक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

रोजगारपरक उद्योग लगाने विशेष प्रोत्साहन प्रदान कर रही है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग लगाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार उद्योगपतियों को हर संभव सहयोग कर प्रदेश में रोजगार परक उद्योग लगाने को विशेष प्रोत्साहन दे रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े।

महिलाकर्मियों के लिए 10 साल तक ₹6000 और पुरुषकर्मियों के लिए ₹5000 मासिक अनुदान राज्य सरकार की ओर से उद्योगपतियों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थापित हो रहे उद्योग विकास और रोजगार के केंद्र हैं, जो मंदिर के समान हैं।

सीहोर में 12 से 14 अक्टूबर तक होगा राज्य स्तरीय कृषि मेला

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीहोर में 12 से 14 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय कृषि मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के उद्योगपति, किसान और विशेषज्ञ शामिल होंगे। मध्यप्रदेश को कृषि और दुग्ध उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लक्ष्य पर कार्य हो रहा है।

राज्य सरकार प्रत्येक विकासखंड में एक वृंदावन ग्राम और श्रीकृष्ण पथ विकसित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में कृषि सिंचाई का रकबा बढ़कर 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन जैसे सभी क्षेत्रों में नवाचार किए जा रहे हैं। एयर एंबुलेंस योजना और शव वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

निवेश लाने के लिए वैश्विक प्रयास कर रहे हैं मुख्यमंत्री: मंत्री वर्मा

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री वैश्विक स्तर पर निवेश लाने के लिए प्रयासरत हैं। सीहोर में उद्योग लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। अब तक 1 करोड़ 9 लाख किसानों के लंबित मामले निपटाए जा चुके हैं और 42 लाख लोगों को पट्टे बांटे गए हैं।

भूमि-पूजन ऐतिहासिक क्षण: राज्य मंत्री श्रीमती गौर

राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए कई कॉन्क्लेव और समिट आयोजित की गई हैं। नई औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन सीहोर के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह औद्योगिक विकास के नए युग की शुरुआत है।

औद्योगिक निवेश विकास के नए द्वार खोलेगा: विधायक राय

विधायक सुदेश राय ने कहा कि यह निवेश जिले के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निरंतर औद्योगिक विकास हो रहा है।

इन औद्योगिक इकाइयों का हुआ भूमिपूजन और आशय-पत्र वितरण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन किया:

  • सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन्स लिमिटेड
    • एशिया की सबसे बड़ी सिंगल लोकेशन ट्रांसफॉर्मर यूनिट
    • निवेश: ₹888 करोड़
    • रोजगार: लगभग 400
  • बारमाल्ट माल्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
    • फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में
    • निवेश: ₹400 करोड़
    • रोजगार: 350+
  • इको कंक्रीट क्रिएशन प्राइवेट लिमिटेड
    • भवन निर्माण सामग्री क्षेत्र
    • निवेश: ₹170 करोड़
    • रोजगार: 230
  • वन्या वेदा ग्रीन्स
    • खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र
    • निवेश: ₹115 करोड़
    • रोजगार: 100+
  • श्री अन्नपूर्णा इंडस्ट्रीज
    • आटा और चावल मिलिंग
    • निवेश: ₹6 करोड़
  • श्रीकृष्णा इंडस्ट्रीज
    • खाद्य प्र-संस्करण क्षेत्र
    • निवेश: ₹3 करोड़

इन निवेशों से न केवल उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

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