भारत फोर्ज ने यूके की विंडरेसर के साथ यूएवी अल्ट्रा के लिए समझौता किया
भारत-यूके सहयोग से ड्रोन प्रौद्योगिकी में नई उड़ान
परिचय
नई दिल्ली: भारत की अग्रणी फोर्जिंग और इंजीनियरिंग कंपनी भारत फोर्ज ने यूके की स्वायत्त कार्गो ड्रोन निर्माता विंडरेसर लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सौदा 11 सितंबर 2025 को लंदन में आयोजित डीएसईआई यूके 2025 प्रदर्शनी के दौरान संपन्न हुआ। यह साझेदारी विंडरेसर के अत्याधुनिक यूएवी (अनमैन्ड एरियल व्हीकल) अल्ट्रा को भारत में तैनात करने और स्थानीयकरण के लिए है।
सौदे का उद्देश्य और विवरण
एमओयू के तहत, दोनों कंपनियां अगले दो वर्षों में संयुक्त परीक्षण और स्थानीयकरण पर काम करेंगी, जिसका उद्देश्य भारत में रक्षा और नागरिक क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाना है। अल्ट्रा ड्रोन 150 किलोग्राम तक का कार्गो 1,000 किलोमीटर की दूरी तक ले जा सकता है और इसमें 6-7 घंटे की उड़ान क्षमता है। यह कठिन परिस्थितियों, जैसे अंटार्कटिका में आपूर्ति मिशन, में पहले से परखा जा चुका है। भारत फोर्ज के संयुक्त प्रबंध निदेशक अमित कल्याणी ने कहा कि यह साझेदारी भारत की स्वदेशी यूएवी क्षमताओं को बढ़ाएगी और रसद समाधान प्रदान करेगी।
रणनीतिक महत्व
यह सहयोग भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और भारत-यूके विजन 2030 के तहत तकनीकी हस्तांतरण और नवाचार को बढ़ावा देगा। विंडरेसर के सीईओ साइमन म्यूडरैक ने इसे दोनों देशों के लिए रणनीतिक लाभ वाला कदम बताया। भारतीय नौसेना, सेना और वायु सेना के लिए लॉजिस्टिक्स समर्थन के साथ-साथ मानवीय और वाणिज्यिक मिशनों में इस ड्रोन का उपयोग होगा।
चुनौतियाँ और भविष्य
हालांकि, स्थानीय विनिर्माण और नियामक मंजूरी में देरी संभावित बाधा हो सकती है। फिर भी, यह सौदा भारत को ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निष्कर्ष
भारत फोर्ज और विंडरेसर की साझेदारी न केवल रक्षा क्षेत्र को मजबूत करेगी, बल्कि भारत-यूके संबंधों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। बाजार इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहा है।