आईटी, रियल्टी और फार्मा शेयरों में जोरदार बिकवाली, वैश्विक संकेतों से निवेशकों का मनोबल गिरा; 50,000 करोड़ का मार्केट कैप लॉस
भोपाल: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स 556 अंक नीचे आकर 81,160 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 166 अंक की कमजोरी के साथ 24,891 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे बंद हुआ। आईटी, रियल्टी और फार्मा सेक्टरों में जोरदार बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों को करीब 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वैश्विक बाजारों की कमजोरी और घरेलू मोर्चे पर मिश्रित संकेतों ने बाजार को दबाव में डाला।
इंडेक्स का प्रदर्शन
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सेंसेक्स का दिन का सफर 81,716 के उच्च स्तर से शुरू होकर 81,160 पर समाप्त हुआ, जो 0.68% की गिरावट दर्शाता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर निफ्टी 25,066 से गिरकर 24,900 पर बंद हुआ, जो 0.66% नीचे है। दिनभर में बाजार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन दोपहर के बाद बिकवाली तेज हो गई। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1% से अधिक गिरे।
ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य से कम रहा, जो निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है। कुल मिलाकर, 2,500 से अधिक शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 1,200 में तेजी आई।
सेक्टर-वार कमजोरी
आईटी सेक्टर में प्रमुख कंपनियों जैसे टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो के शेयरों में 2-3% की गिरावट देखी गई, जो अमेरिकी टेक बाजारों की सुस्ती से प्रभावित हुए। रियल्टी सेक्टर में डीएलएफ और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे स्टॉक्स 3% से अधिक लुढ़के, क्योंकि ब्याज दरों में संभावित स्थिरता की आशंकाओं ने निवेशकों को परेशान किया। फार्मा क्षेत्र में सन फार्मा और डॉ. रेड्डी के शेयरों में 2.5% की कमजोरी रही, जो वैश्विक दवा कीमतों के दबाव से जुड़ी है।
दूसरी ओर, ऑटो और बैंकिंग सेक्टरों में हल्की तेजी देखी गई। एचडीएफसी बैंक और मारुति सुजुकी जैसे स्टॉक्स में 0.5-1% की बढ़त रही, लेकिन यह समग्र गिरावट को संभालने में नाकाफी साबित हुई।
वैश्विक और घरेलू संकेत
यह गिरावट वैश्विक बाजारों की कमजोरी का प्रतिबिंब है, जहां अमेरिकी इंडेक्स डाउ, नैस्डैक और एसएंडपी 500 में 0.5-1% की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में निक्केई और हैंगसेंग भी लाल निशान पर बंद हुए। घरेलू मोर्चे पर, खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली ने दबाव बढ़ाया। एफआईआई ने मंगलवार को 2,500 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने खरीदारी की।
विशेषज्ञों का मानना है कि फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीदों में कमी ने बाजार को प्रभावित किया है। मार्केट एनालिस्ट शेफाली भावनानी ने कहा, “यह एक सुधारात्मक गिरावट है, जो 25,000 के ऊपर निफ्टी को स्थिर करने के बाद आई। निवेशक अब क्वार्टरली रिजल्ट्स पर नजर रखें।”
निवेशकों के लिए सलाह
इस गिरावट से बाजार पूंजीकरण में 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) जारी रखें और डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाएं। कल के सत्र में अमेरिकी जॉब डेटा और घरेलू आंकड़ों पर नजर रहेगी।
बाजार की यह गिरावट अस्थायी लग रही है, लेकिन सेक्टर-विशेष चुनौतियां बनी रहेंगी। निवेशक सतर्क रहें और अवसरों की तलाश करें।