‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल हुए प्रोडक्ट्स से मिला बूस्ट, आत्मनिर्भर भारत को नई ताकत; ड्रोन, UAV और मिसाइल सिस्टम पर फोकस
अडाणी ग्रुप ने डिफेंस सेक्टर में अपना सबसे बड़ा निवेश प्लान घोषित किया है। ग्रुप अगले कुछ वर्षों में ₹1.8 लाख करोड़ का निवेश करेगा, जिसमें 2026 से AI-पावर्ड ड्रोन, मिसाइल और अन्य एडवांस्ड वेपन सिस्टम्स का उत्पादन शुरू होगा। यह ऐलान 28 दिसंबर 2025 को आया, जब ग्रुप के डिफेंस आर्म अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा किया। हालिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अडाणी के प्रोडक्ट्स (जैसे हर्मीस-900 ड्रोन) का सफल उपयोग हुआ है, जिससे कंपनी को सरकारी ऑर्डर्स में बढ़त मिली है। यह निवेश ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करेगा, जहां डिफेंस निर्यात को $5 बिलियन तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
निवेश का ब्रेकडाउन: AI और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर जोर
अडाणी ग्रुप का ₹1.8 लाख करोड़ निवेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर ले जाने का प्लान है। मुख्य फोकस:
- AI-पावर्ड ड्रोन: हर्मीस-900 जैसे UAV को AI इंटीग्रेशन से अपग्रेड, स्वॉर्म ड्रोन टेक्नोलॉजी विकसित।
- मिसाइल सिस्टम: एंटी-टैंक, एयर-टू-एयर और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन।
- अन्य प्रोडक्ट्स: रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और अम्युनिशन।
2026 से उत्पादन शुरू होने की योजना है, जिसमें गुजरात के मुंद्रा और उत्तर प्रदेश के प्लांट्स प्रमुख भूमिका निभाएंगे। ग्रुप ने इजरायल की एल्बिट सिस्टम्स और अन्य ग्लोबल पार्टनर्स के साथ JV किए हैं। हालिया ऑपरेशन सिंदूर में हर्मीस-900 ड्रोन का उपयोग सरहद पर सर्विलांस के लिए हुआ, जो कंपनी की विश्वसनीयता को प्रमाणित करता है।
ऑपरेशन सिंदूर में अडाणी प्रोडक्ट्स की भूमिका
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अडाणी डिफेंस के हर्मीस-900 UAV का सफल उपयोग हुआ, जो रियल-टाइम इंटेलिजेंस और टारगेटिंग में मददगार साबित हुआ। यह ड्रोन 36 घंटे तक उड़ान भर सकता है और 30,000 फीट ऊंचाई पर ऑपरेट करता है। इस सफलता से कंपनी को बड़े सरकारी ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है, जो ₹50,000 करोड़ से अधिक हो सकते हैं।
ग्रुप की मौजूदा स्थिति: ऑर्डर बुक मजबूत
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस की ऑर्डर बुक ₹35,000 करोड़ पर पहुंच चुकी है, जिसमें DRDO और सेना के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कंपनी ने 2025 में ₹5,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट पूरा किया। निवेश से 50,000+ नौकरियां पैदा होंगी। गौतम अडाणी ने कहा, “हम भारत को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाएंगे।”
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल निवेश | ₹1.8 लाख करोड़ |
| मुख्य फोकस (2026 से) | AI ड्रोन, मिसाइल, UAV |
| ऑर्डर बुक (वर्तमान) | ₹35,000 करोड़ |
| प्रमुख प्रोडक्ट | हर्मीस-900 ड्रोन (ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग) |
| रोजगार सृजन | 50,000+ |
आंकड़े: कंपनी घोषणा से।
भारत पर प्रभाव: आत्मनिर्भरता को बूस्ट
यह निवेश डिफेंस निर्यात को $5 बिलियन तक ले जाएगा, जो 2025 में $2.5 बिलियन था। भारत अब UAV और मिसाइल में स्वदेशी क्षमता विकसित कर रहा है। अडाणी का प्लान बोइंग और लॉकहीड मार्टिन जैसे ग्लोबल प्लेयर्स को चुनौती देगा।
निष्कर्ष
अडाणी ग्रुप का ₹1.8 लाख करोड़ डिफेंस निवेश भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। 2026 से AI ड्रोन और मिसाइल प्रोडक्शन से सीमा सुरक्षा मजबूत होगी। ऑपरेशन सिंदूर में सफलता से कंपनी की विश्वसनीयता बढ़ी है। यह प्लान रोजगार, निर्यात और टेक्नोलॉजी में क्रांति लाएगा। भारत अब डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनने की राह पर है।