सरकार ने इंश्योरेंस क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी दे दी: ऑटोमैटिक रूट से विदेशी निवेश आसान

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LIC में 20% की सीमा बरकरार, बीमा क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद

केंद्र सरकार ने इंश्योरेंस क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमा को 100 प्रतिशत कर दिया है। अब विदेशी कंपनियां ऑटोमैटिक रूट से पूरे 100% निवेश कर सकेंगी। यह फैसला बीमा क्षेत्र को मजबूत करने और देश में बड़े पैमाने पर पूंजी आने का रास्ता साफ करेगा।

वित्त मंत्रालय और बीमा नियामक IRDAI के सुझाव पर कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे पहले इंश्योरेंस कंपनियों में FDI की सीमा 74% थी, जिसमें 49% तक ऑटोमैटिक रूट और बाकी सरकारी मंजूरी से संभव था। अब पूरी 100% हिस्सेदारी ऑटोमैटिक रूट से मिल जाएगी।

LIC पर कोई बदलाव नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया कि लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) में विदेशी निवेश की सीमा 20 प्रतिशत ही बनी रहेगी। LIC एक सरकारी कंपनी है और इसका IPO 2022 में आया था। इस फैसले से प्राइवेट प्लेयर्स को ज्यादा फायदा होगा, जबकि LIC पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

क्या होगा फायदा?

  • बड़े निवेश की संभावना: वैश्विक बीमा दिग्गजों के लिए भारत आकर्षक बाजार बनेगा।
  • टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: विदेशी पार्टनर्स से एआई, डेटा एनालिटिक्स और नए प्रोडक्ट्स आएंगे।
  • ग्राहक सेवा में सुधार: ज्यादा प्रतिस्पर्धा से पॉलिसीधारकों को बेहतर प्रोडक्ट्स और कम प्रीमियम मिलेंगे।
  • जॉब क्रिएशन: सेक्टर का विस्तार होने से लाखों नौकरियां पैदा होंगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह सुधार ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘Make in India’ को मजबूत करेगा। बीमा पेनetration बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो वर्तमान में अभी भी कम है।

बाजार की प्रतिक्रिया

खबर सामने आते ही इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी आई। HDFC Life, ICICI Prudential Life, SBI Life आदि में 2-4 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। विश्लेषकों का मानना है कि यह लंबे समय में सेक्टर की वैल्यूएशन बढ़ाएगा।

IRDAI चेयरमैन ने कहा कि विदेशी निवेश आने से रेगुलेटरी स्ट्रेंथ बढ़ेगी और रिस्क मैनेजमेंट बेहतर होगा।

यह फैसला भारत को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्राइवेट और विदेशी प्लेयर्स अब बिना सरकारी मंजूरी के 100% मालिकाना हक ले सकेंगे, जबकि घरेलू कंपनियां भी ज्यादा पूंजी जुटा सकेंगी।

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