G20 में भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ेगी: ग्लोबल रेटिंग एजेंसी का अनुमान, FY27 में GDP ग्रोथ 6.4% रहने की उम्मीद

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वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत 6.4% की ग्रोथ के साथ G20 में टॉप पर; मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रा निवेश और निर्यात विविधीकरण से मिलेगा बल

नई दिल्ली: एक प्रमुख ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि G20 देशों में भारत की अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष (FY27) में सबसे तेजी से बढ़ेगी। एजेंसी के अनुसार, भारत की GDP ग्रोथ FY27 में 6.4% रहने की उम्मीद है, जो G20 के औसत से काफी ऊपर है।

यह अनुमान ऐसे समय आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन, ऊंची ब्याज दरें, और भू-राजनीतिक जोखिम। फिर भी भारत की मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और निर्यात में विविधीकरण ने इसे G20 में सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्था बनाए रखा है।

भारत की ग्रोथ ड्राइवर्स क्या हैं?

रेटिंग एजेंसी ने भारत की ग्रोथ के प्रमुख कारणों को निम्नलिखित बताया:

  • मजबूत घरेलू खपत — मध्यम वर्ग की बढ़ती खरीदारी शक्ति और त्योहारी सीजन में उपभोग।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश — FY26 में केंद्र सरकार का कैपेक्स ₹11.11 लाख करोड़ से ऊपर।
  • मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में तेजी — PLI स्कीम, डिजिटल अर्थव्यवस्था और IT निर्यात में वृद्धि।
  • निर्यात विविधीकरण — अमेरिका और यूरोप के अलावा अफ्रीका, मध्य-पूर्व और ASEAN में बढ़ता निर्यात।
  • महंगाई पर नियंत्रण — CPI महंगाई 4.5% के आसपास बनी हुई है, जो RBI के लिए राहत है।

G20 में भारत का प्रदर्शन

एजेंसी के अनुमान के अनुसार FY27 में G20 देशों की औसत ग्रोथ 2.8-3.1% रहने की उम्मीद है। भारत का 6.4% का अनुमान इसे सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाता है। तुलना के लिए:

  • चीन: 4.2-4.5%
  • अमेरिका: 2.0-2.3%
  • यूरो जोन: 1.5-1.8%
  • ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका: 2.0-2.5%

भारत ने 2023 से लगातार G20 में सबसे तेज ग्रोथ दिखाई है और यह सिलसिला 2027 तक जारी रहने का अनुमान है।

विशेषज्ञों का आकलन

  • मूडीज: “भारत की ग्रोथ ड्राइवर्स मजबूत बने हुए हैं। इंफ्रा निवेश और उपभोक्ता मांग से FY27 में 6.4% ग्रोथ संभव है।”
  • क्रिसिल: “निर्यात में विविधीकरण और घरेलू मांग से भारत वैश्विक मंदी से अपेक्षाकृत सुरक्षित है।”
  • गोल्डमैन सैक्स: “भारत 2026-2030 के बीच 6.5-7% की औसत ग्रोथ दर्ज कर सकता है, जो G20 में सबसे ऊपर रहेगा।”

निष्कर्ष

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था G20 में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बनी हुई है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी का 6.4% का अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और नीतिगत स्थिरता को दर्शाता है। मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रा निवेश और निर्यात विविधीकरण से भारत ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

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