बजट 2026: वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग को राहत नहीं दी, लेकिन स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस; कैंसर दवाओं पर जीरो ड्यूटी, आयुर्वेदिक AIIMS और हाई-स्पीड रेल से अर्थव्यवस्था को नई गति
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को टैक्स राहत की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। हालांकि, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा ऐलान किया गया है कैंसर की 17 महत्वपूर्ण दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इसके अलावा, 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS और 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है।
इनकम टैक्स स्लैब: कोई राहत नहीं
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि:
- नई टैक्स व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय पर शून्य टैक्स (स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 के साथ) बरकरार रहेगा।
- पुरानी व्यवस्था में भी पुराने स्लैब और डिडक्शन्स (80C, 80D आदि) वही रहेंगे।
- कैपिटल गेन टैक्स में पहले से घोषित बदलाव (LTCG 12.5%, STCG 20%) लागू रहेंगे।
टैक्सपेयर्स को इस बजट में टैक्स स्लैब या छूट की कोई नई राहत नहीं मिली है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा ऐलान
- कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री: इन दवाइयों पर अब जीरो कस्टम ड्यूटी होगी, जिससे कैंसर मरीजों को इलाज सस्ता मिलेगा। इनमें कीमोथेरेपी और टारगेटेड थैरेपी की प्रमुख दवाइयां शामिल हैं।
- 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS: देश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए 3 नए AIIMS (All India Institute of Ayurveda) बनाए जाएंगे। ये संस्थान पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक शोध के साथ जोड़ेंगे।
- स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी: कुल स्वास्थ्य बजट में 12.5% की बढ़ोतरी की गई है, जिसमें आयुष मंत्रालय को विशेष फोकस दिया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता देते हुए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। ये कॉरिडोर प्रमुख शहरों को जोड़ेंगे और यात्रा समय में काफी कमी लाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- दिल्ली-वाराणसी
- मुंबई-अहमदाबाद (बुलेट ट्रेन के अलावा अतिरिक्त कॉरिडोर)
- चेन्नई-बेंगलुरु
- अमृतसर-जम्मू
- और अन्य 3 कॉरिडोर (विस्तृत घोषणा बाद में)
रेलवे के लिए कुल बजट आवंटन में 11% की बढ़ोतरी की गई है।
अन्य प्रमुख ऐलान
- स्टार्टअप्स और MSME: स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट की अवधि 10 साल तक बढ़ाई गई।
- कृषि और ग्रामीण विकास: किसानों के लिए नई फसल बीमा योजना और ग्रामीण इंफ्रा पर फोकस।
- ग्रीन एनर्जी: ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को और मजबूत किया गया।
- रक्षा और डिफेंस: स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर, नए डिफेंस कॉरिडोर का ऐलान।
निष्कर्ष
बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को स्लैब में कोई राहत नहीं मिली, लेकिन स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस है। कैंसर दवाओं पर जीरो ड्यूटी और आयुर्वेदिक AIIMS से स्वास्थ्य क्षेत्र को बल मिलेगा, जबकि 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। निवेशक इंफ्रा, रेलवे और हेल्थकेयर से जुड़े शेयरों पर नजर रख सकते हैं।
यह बजट विकास, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है, जो ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को मजबूत करता है।