ईरान जंग के कारण इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए 15% बढ़े: जेट फ्यूल के दाम दोगुने, कच्चे तेल का असर
कच्चा तेल $115 के पार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 90–100% उछाल; भारतीय एयरलाइंस ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया 15% तक बढ़ाया, घरेलू किराए पर भी दबाव
नई दिल्ली: इजराइल-ईरान युद्ध के तेजी से बढ़ते खतरे और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतें $115 के पार पहुंच गई हैं। इस वजह से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम पिछले 10–15 दिनों में 90–100% तक उछल चुके हैं। भारतीय एयरलाइंस ने इस बढ़ोतरी का असर किरायों पर डालते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए 15% तक बढ़ा दिए हैं।
एयरलाइंस ने किराए क्यों बढ़ाए?
- जेट फ्यूल की लागत: ATF अब ₹1,45,000–1,55,000 प्रति किलोलीटर के आसपास पहुंच गया है (पिछले महीने ₹75,000–80,000 था)।
- एयरलाइंस की कुल लागत: फ्यूल अब कुल परिचालन लागत का 38–42% बन चुका है (पहले 28–32% था)।
- घरेलू उड़ानों पर दबाव: अंतरराष्ट्रीय किरायों में बढ़ोतरी के बाद घरेलू किराए भी अगले 7–10 दिनों में 8–12% बढ़ने की संभावना।
- प्रमुख एयरलाइंस — इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट, अकासा और विस्तारा ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय रूट्स (यूरोप, अमेरिका, मिडिल ईस्ट) पर किराए बढ़ा दिए हैं।
कच्चे तेल और ATF की कीमतों का ट्रेंड
- ब्रेंट क्रूड: $115.40 (10 दिन में 60%+ उछाल)
- ATF (दिल्ली): ₹1,52,000 प्रति किलोलीटर (पिछले महीने ₹78,000)
- होर्मुज स्ट्रेट बंद होने पर $140–150 तक जाने का अनुमान
भारत पर क्या असर?
- यात्रियों पर: अंतरराष्ट्रीय टिकट अब 15–25% महंगे (दिल्ली-दुबई ₹35,000 से बढ़कर ₹42,000–45,000)
- घरेलू उड़ानें: अगले हफ्ते तक 8–12% बढ़ोतरी संभव
- पर्यटन और बिजनेस ट्रैवल: मिडिल ईस्ट, यूरोप और अमेरिका रूट्स पर यात्रा कम हो सकती है
- महंगाई का खतरा: ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सामान और सेवाओं की कीमतें बढ़ेंगी
विशेषज्ञों की राय
- ICRA: एविएशन सेक्टर की लागत में 15–20% बढ़ोतरी हो सकती है। कई एयरलाइंस घाटे में चली जाएंगी अगर किराए नहीं बढ़ाए गए।
- CRISIL: अगर होर्मुज 15 दिन बंद रहा तो ATF ₹2 लाख प्रति किलोलीटर तक जा सकता है।
- CAPA India: भारतीय एयरलाइंस पहले ही घाटे में हैं। यह संकट कई के लिए अस्तित्व का सवाल बन सकता है।
निष्कर्ष
ईरान-इजराइल युद्ध और होर्मुज संकट ने कच्चे तेल को $115 के पार पहुंचा दिया है, जिससे जेट फ्यूल के दाम दोगुने हो गए हैं। भारतीय एयरलाइंस ने अंतरराष्ट्रीय किरायों में 15% बढ़ोतरी की है और घरेलू किरायों पर भी दबाव बढ़ रहा है। अगर संकट लंबा चला तो एविएशन सेक्टर और पर्यटन पर गहरा असर पड़ेगा। यात्री अभी महंगे टिकटों के लिए तैयार रहें।