स्विगी के को-फाउंडर लक्ष्मी रेड्डी ने इस्तीफा दिया, किशन-राहुल और अल्वेस पिंटो को नई जिम्मेदारी
कंपनी के बोर्ड में बड़े बदलाव, दो नए डायरेक्टर नियुक्त; स्विगी अब अगले चरण की तैयारी में, फोकस प्रॉफिटेबिलिटी और एक्सपैंशन पर
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के को-फाउंडर और डायरेक्टर लक्ष्मी रेड्डी ने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने आज एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। लक्ष्मी रेड्डी स्विगी की शुरुआती टीम का हिस्सा थीं और कंपनी के शुरुआती दिनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीं।
इस्तीफे के साथ-साथ स्विगी ने बोर्ड में दो नए सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा भी की है। किशन-राहुल को एडिशनल डायरेक्टर और अल्वेस पिंटो को नॉमिनी डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। दोनों की नियुक्ति कंपनी के अगले चरण के विस्तार और प्रोफेशनल मैनेजमेंट को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
स्विगी के सीईओ श्रीहरि ने एक आंतरिक नोट में लिखा, लक्ष्मी रेड्डी ने कंपनी की शुरुआत से लेकर अब तक बहुत योगदान दिया है। हम उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं। नए बोर्ड सदस्यों के आने से कंपनी को नई ऊर्जा और दृष्टिकोण मिलेगा।
कंपनी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव स्विगी के लंबे समय के लक्ष्य प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार को ध्यान में रखकर किया गया है। स्विगी वर्तमान में भारत के लगभग 800 शहरों में सेवाएं दे रही है और हाल के वर्षों में क्विक कॉमर्स (Swiggy Instamart) में भी तेजी से बढ़ रही है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि लक्ष्मी रेड्डी का इस्तीफा और नए डायरेक्टरों की नियुक्ति स्विगी के बोर्ड को और अधिक प्रोफेशनल और स्ट्रैटेजिक बनाने की दिशा में है। स्विगी के शेयर (यदि लिस्टेड होता) या वैल्यूएशन पर इस बदलाव का सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।