सोना-चांदी की चमक बरकरार: एक हफ्ते में चांदी ₹13,851 महंगी, सोना ₹2,001 चढ़ा; 2025 में गोल्ड 69%, सिल्वर 107% रिटर्न
वैश्विक मांग और त्योहारी सीजन से कीमतों में उछाल, सिल्वर $62-65 तक जा सकती है; निवेशकों के लिए लॉन्ग-टर्म ऑपर्च्युनिटी
कीमती धातुओं के बाजार में हफ्ते भर की तेजी ने निवेशकों को फिर से आकर्षित किया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹2,001 महंगा होकर ₹1,22,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी ₹13,851 बढ़कर ₹1,72,000 प्रति किलोग्राम बिकी। यह उछाल वैश्विक मांग, त्योहारी खरीदारी और कमजोर डॉलर से प्रेरित है। 2025 में अब तक सोने ने 69% और चांदी ने 107% का शानदार रिटर्न दिया है, जो स्टॉक्स और अन्य एसेट्स से बेहतर है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि सिल्वर $62-65 (लगभग ₹1,80,000-₹1,90,000 प्रति किलो) तक जा सकती है।
हफ्ते भर का ट्रेंड: तेजी का सिलसिला
सोमवार, 29 नवंबर 2025 को सोना ₹1,20,000 प्रति 10 ग्राम पर खुला था, जो शुक्रवार तक ₹1,22,001 पर बंद हुआ ₹2,001 की बढ़त। चांदी 29 नवंबर को ₹1,58,149 प्रति किलोग्राम से बढ़कर 6 दिसंबर तक ₹1,72,000 पर पहुंच गई, यानी ₹13,851 का उछाल। एमसीएक्स पर सोने के दिसंबर फ्यूचर्स में 1.7% और चांदी में 8.7% की तेजी देखी गई।
वैश्विक स्तर पर सोना $4,068 प्रति औंस (₹1,22,000 प्रति 10 ग्राम) के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जबकि चांदी $52 प्रति औंस (₹1,72,000 प्रति किलो) के दशकों के उच्च स्तर को छू चुकी है। भारत में रुपए की कमजोरी (₹84.50 प्रति डॉलर) ने स्थानीय कीमतों को और ऊपर धकेला। त्योहारी अवशेष मांग और चीनी-लंदन बुलियन स्टॉक्स की कमी ने तेजी को बल दिया।
2025 का रिटर्न: चांदी ने सोने को पछाड़ा
जनवरी 2025 में सोना ₹73,000 प्रति 10 ग्राम था, जो अब ₹1,22,000 पर पहुंच गया 69% रिटर्न। चांदी ₹82,000 प्रति किलोग्राम से ₹1,72,000 पर आ गई, यानी 107% की छलांग। चांदी की दोहरी भूमिका (निवेश + औद्योगिक) ने इसे सोने से आगे रखा, जहां ईवी, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में मांग 15% बढ़ी। गोल्ड-सिल्वर रेशियो 80 से घटकर 82 पर आया, जो चांदी के पक्ष में है।
| धातु | जनवरी 2025 कीमत | दिसंबर 2025 कीमत | रिटर्न (%) |
|---|---|---|---|
| सोना (10 ग्राम) | ₹73,000 | ₹1,22,000 | 69 |
| चांदी (1 किलो) | ₹82,000 | ₹1,72,000 | 107 |
आंकड़े: IBJA और MCX से।
तेजी के कारण: वैश्विक और घरेलू कारक
इस हफ्ते की तेजी के पीछे सेंट्रल बैंक की 600 टन गोल्ड खरीदारी, ETF में 450 टन इनफ्लो और कमजोर डॉलर प्रमुख हैं। चांदी की औद्योगिक मांग (ईवी में 50% उपयोग) और US क्रिटिकल मिनरल लिस्ट में शामिल होना ने इसे बूस्ट दिया। भारत में दिवाली-अवशेष खरीदारी से फिजिकल डिमांड 20% ऊपर रही। विशेषज्ञों का कहना है कि सिल्वर ₹1,90,000 तक जा सकती है, लेकिन रिस्क अपेटाइट कमजोर होने पर डिप्स पर खरीदें।
निवेश सलाह: अवसर और सावधानी
साल भर के रिटर्न से सोना-चांदी आकर्षक हैं, लेकिन वोलेटिलिटी हाई है। कोटक सिक्योरिटीज के अनुसार, चांदी में 107% रिटर्न संभव, लेकिन $54 ($1,45,000) के नीचे स्टॉप-लॉस रखें। सलाह: पोर्टफोलियो का 5-10% रखें, ईटीएफ या सिक्कों से निवेश करें। टैक्स और मेकिंग चार्ज का ध्यान रखें।
निष्कर्ष
एक हफ्ते में चांदी ₹13,851 और सोना ₹2,001 महंगे होने से कीमती धातुओं का आकर्षण बढ़ा है। 2025 के 69% और 107% रिटर्न ने निवेशकों को लाभ पहुंचाया, लेकिन वैश्विक कारकों से सतर्क रहें। लॉन्ग-टर्म के लिए डिप्स पर खरीदारी का मौका है। यह ट्रेंड भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।