त्योहारों पर सरकार का तोहफ़ा: जीएसटी राहत से घर-घर में खुशियां

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रोज़मर्रा के सामान होंगे सस्ते और जीवन बीमा में राहत

रोज़मर्रा के सामान होंगे सस्ते और जीवन बीमा में राहत

भोपाल: भारत सरकार ने जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में उपभोक्ताओं और छोटे व्यवसायों के लिए एक बड़ा “दीवाली उपहार” घोषित किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह सुधार जीएसटी प्रणाली को और सरल बनाएंगे, जिसमें रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं पर कर दरें कम की गई हैं और जीवन बीमा प्रीमियम पर कर पूरी तरह हटाया गया है। यह बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे, जो नवरात्रि और दीवाली जैसे त्योहारों से पहले खरीदारी को बढ़ावा देंगे। बैठक में राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी इन सुधारों का समर्थन किया, हालांकि कुछ ने राजस्व हानि की चिंता जताई। अनुमान है कि इससे केंद्र और राज्यों को 48,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभाव पड़ेगा, लेकिन लंबे समय में कर संग्रहण में वृद्धि होगी क्योंकि अनुपालन आसान होगा और उपभोक्ता मांग बढ़ेगी। यह जीएसटी 2.0 की शुरुआत है, जो 2017 में लागू जीएसटी की कमियों को दूर करेगी।

जीएसटी दरों के अनुसार आइटमों का वर्गीकरण

जीएसटी सुधारों में विभिन्न श्रेणियों की 400 से अधिक वस्तुओं पर दरें कम की गई हैं, जो मुख्य रूप से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए लाभकारी हैं। यहां दरों के अनुसार आइटमों का विस्तृत वर्गीकरण है:

  • 0% जीएसटी (पूरी तरह मुक्त): इस श्रेणी में बुनियादी खाद्य और स्वास्थ्य उत्पाद शामिल हैं, जो पहले 5% या 12% कर के दायरे में थे। उदाहरण के लिए, छेना, पनीर, ब्रेड, भारतीय रोटियां (चपाती, नान, परांठा), दूध, दही, अनाज, सब्जियां, फल अब कर मुक्त हैं। जीवन रक्षक दवाएं जैसे कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग की दवाएं, सैनिटरी नैपकिन, किताबें और समाचार पत्र भी इस सूची में हैं। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 18% जीएसटी को पूरी तरह हटाया गया है, जो 10 करोड़ से अधिक पॉलिसीधारकों को सालाना 15,000 करोड़ रुपये की बचत प्रदान करेगा। यह कदम स्वास्थ्य कवरेज को बढ़ावा देगा, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बीमा पहुंच कम है।
  • 5% जीएसटी (पहले 12% या 18% से कम): व्यक्तिगत देखभाल और घरेलू उत्पादों पर यह कमी मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत है। हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, कंडीशनर अब 5% पर उपलब्ध होंगे। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स में एयर कंडीशनर (1.5 टन तक), टीवी (32 इंच तक), रेफ्रिजरेटर (300 लीटर तक) शामिल हैं। परिवहन में छोटी कारें (1200 सीसी तक), मोटरसाइकिल (350 सीसी तक) और चाय, कॉफी, मसाले, पैकेज्ड फूड आइटम भी इस दर पर आएंगे। यह बदलाव एमएसएमई को लाभ देगा, जो इन उत्पादों का बड़ा हिस्सा बनाते हैं और अब प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेच सकेंगे।
  • 18% जीएसटी (पहले 28% से कम): पर्यावरण-अनुकूल और लक्जरी आइटमों पर यह कमी सतत विकास को बढ़ावा देगी। पेट्रोल-सीएनजी हाइब्रिड कारों पर 28% से 18% की कमी से हाइब्रिड वाहनों की बिक्री बढ़ेगी। बड़े टीवी (32 इंच से अधिक), बड़े रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, बिस्कुट, चॉकलेट, आइसक्रीम, सॉफ्ट ड्रिंक्स भी इस दर पर आएंगे। यह श्रेणी उपभोक्ताओं को सस्ते विकल्प प्रदान करेगी, लेकिन लक्जरी उत्पादों पर कर बनाए रखेगी।

प्रभाव और विश्लेषण

ये सुधार मध्यम वर्ग के लिए ऐतिहासिक राहत हैं, जो महंगाई से जूझ रहे हैं। अर्थशास्त्री प्रोफेसर अरुण कुमार ने कहा कि यह कदम उपभोक्ता मांग को 5-7% बढ़ा सकता है, जो जीडीपी वृद्धि को गति देगा। बीमा क्षेत्र में राहत से कवरेज 20% बढ़ सकता है, जो स्वास्थ्य संकटों में परिवारों को सुरक्षा देगा। छोटे व्यवसायों के लिए अनुपालन आसान होगा, क्योंकि कर दरें सरल होंगी। हालांकि, राज्यों को राजस्व हानि की चिंता है; केंद्र ने मुआवजा कोष से भरपाई का आश्वासन दिया है। लंबे समय में, कर आधार बढ़ने से संग्रहण में 5-6% की वृद्धि होगी। यह सुधार जीएसटी की मूल भावना “एक राष्ट्र, एक कर” को मजबूत करेगा, जो पहले जटिल दरों के कारण विवादास्पद था।

निष्कर्ष

जीएसटी दीवाली उपहार उपभोक्ताओं को खुशी देगा और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा। यह कदम भारत को आर्थिक रूप से समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो त्योहारों को और खुशहाल बनाएगा।

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