156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर्स (LCH) की आपूर्ति के लिए CCS की मंजूरी, भारतीय वायुसेना और सेना को मिलेगा बूस्ट; स्टॉक में 3% की तेजी
रक्षा क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने 156 लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर्स (LCH) की खरीद के लिए ₹16,700 करोड़ का मेगा डील मंजूर किया है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्वदेशी हेलीकॉप्टर सौदा है, जो HAL की ऑर्डर बुक को ₹1.07 लाख करोड़ तक पहुंचा देगा। यह खबर 4 दिसंबर 2025 को आई, जब कंपनी के शेयरों में 3% की तेजी देखी गई। LCH प्रोजेक्ट, जो पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित हुआ है, भारतीय वायुसेना और थलसेना की क्षमता को मजबूत करेगा, खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में।
LCH प्रोजेक्ट: स्वदेशी तकनीक का प्रतीक
LCH प्रोजेक्ट HAL और डीआरडीओ के संयुक्त प्रयास से विकसित हुआ है, जो दुनिया का सबसे हल्का कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। इस डील में 65 हेलीकॉप्टर्स वायुसेना के लिए और 91 थलसेना के लिए होंगे। प्रत्येक LCH की कीमत लगभग ₹100 करोड़ है, जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों (जैसे लद्दाख) में प्रभावी होगा। हेलीकॉप्टर में स्टेल्थ फीचर्स, एंटी-टैंक मिसाइलें और एडवांस्ड एवियोनिक्स हैं।
CCS की मंजूरी के बाद यह सौदा जल्द ही हस्ताक्षर के लिए तैयार है, जो HAL के बेंगलुरु और नासिक प्लांट्स में उत्पादन को गति देगा। HAL के चेयरमैन और एमडी डी.के. सुनील ने कहा, “यह डील आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करती है, जो हमारी उत्पादन क्षमता को दोगुना करेगी। प्रोजेक्ट से 5,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी।
ऑर्डर बुक का विस्तार: ₹1.07 लाख करोड़ की मजबूती
HAL की ऑर्डर बुक अब ₹1.07 लाख करोड़ पर पहुंच गई है, जो FY25 के अंत के ₹1 लाख करोड़ से 7% ऊपर है। इसमें LCH डील के अलावा सुखोई-30 एमकेआई, डोर्नियर एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर इंजन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। Q2 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹15,300 करोड़ रहा, और PAT 20% ऊपर ₹1,500 करोड़। ऑर्डर बुक का 60% हेलीकॉप्टर्स से जुड़ा है।
यह डील रक्षा निर्यात को भी बूस्ट देगी, जहां HAL का निर्यात ₹2,000 करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है।
| मुख्य आंकड़े | विवरण |
|---|---|
| डील वैल्यू | ₹16,700 करोड़ (156 LCH) |
| ऑर्डर बुक (अब) | ₹1.07 लाख करोड़ |
| वायुसेना शेयर | 65 LCH |
| थलसेना शेयर | 91 LCH |
| प्रति हेलीकॉप्टर लागत | ₹100 करोड़ (लगभग) |
आंकड़े: HAL फाइलिंग और सरकारी घोषणा से।
स्टॉक पर प्रभाव: 3% की उछाल
डील की खबर पर HAL के शेयर BSE पर 3% चढ़कर ₹4,850 के हाई पर पहुंचे। पिछले एक साल में शेयर 45% ऊपर हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ऑर्डर बुक से FY26 रेवेन्यू 15-20% बढ़ेगा। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग दी, टारगेट ₹5,200।
निष्कर्ष
₹16,700 करोड़ की LCH डील HAL को रक्षा क्षेत्र का ‘रॉकेट’ बना रही है। ऑर्डर बुक ₹1.07 लाख करोड़ पर पहुंचने से कंपनी की ग्रोथ सुनिश्चित है। यह आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है, जो सीमा सुरक्षा को मजबूत करेगा। निवेशक लॉन्ग-टर्म के लिए अवसर तलाशें, लेकिन वैश्विक जोखिमों पर नजर रखें। HAL का भविष्य चमकदार लग रहा है।