खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 65,000 करोड़ का निवेश: रिलायंस कंज्यूमर और कोका-कोला के तीन बॉटलर्स ने की प्रतिबद्धता
वर्ल्ड फूड इंडिया समिट के पहले दिन MoU पर हस्ताक्षर, 3.3 लाख नौकरियां सृजित होंगी; AI-संचालित फूड पार्क्स से एशिया का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा
नई दिल्ली: रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आरसीपीएल) और कोका-कोला के तीन प्रमुख बॉटलर्स ने वर्ल्ड फूड इंडिया समिट के पहले दिन कुल 65,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की। यह निवेश खाद्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने के लिए किया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पीरका लहानु पासवान ने कहा कि इस समिट के दौरान कुल 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के MoU पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जो क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
निवेश का विवरण
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के साथ 40,000 करोड़ रुपये का MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत देशभर में एकीकृत खाद्य विनिर्माण सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। कंपनी महाराष्ट्र के काटोल (नागपुर) और आंध्र प्रदेश के कुरनूल में 1,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अगस्त में अपनी वार्षिक आम सभा में इस योजना की घोषणा की थी, जिसमें एशिया के सबसे बड़े एकीकृत फूड पार्क्स का निर्माण होगा, जो AI-संचालित ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और सतत तकनीकों से लैस होंगे।
इसके अलावा, कोका-कोला के तीन बॉटलर्स एसएलएमजी बेवरेजेस, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस (कोका-कोला की पूर्ण स्वामित्व वाली बॉटलिंग इकाई) और कंधारी ग्रुप ऑफ कंपनीज—ने संयुक्त रूप से 25,760 करोड़ रुपये (लगभग 2.96 अरब डॉलर) के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और जम्मू सहित नौ राज्यों में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। एसएलएमजी बेवरेजेस, जो भारत में कोका-कोला का सबसे बड़ा बॉटलर है, इस निवेश में 8,000 करोड़ रुपये का योगदान देगा।
एसएलएमजी बेवरेजेस के संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष लाधानी ने कहा, “कोका-कोला इंडिया और सभी बॉटलर्स, जिसमें एसएलएमजी बेवरेजेस शामिल है, ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के साथ 25,760 करोड़ रुपये के MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। यह निवेश भारत को वैश्विक खाद्य बाजार में मजबूत बनाएगा।”
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
ये निवेश परियोजनाएं 2030 तक पूरा होने का लक्ष्य रखती हैं और इससे 30,000 प्रत्यक्ष तथा 3 लाख अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी। मंत्रालय ने नियामक मंजूरियों के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, जो वैश्विक बाजार में 1.5% हिस्सेदारी रखता है, इस निवेश से तेजी से बढ़ेगा। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये का FMCG राजस्व हासिल करना है, जिसमें वैश्विक विस्तार भी शामिल है।
यह क्षेत्र कृषि उत्पादों की 20% से कम प्रसंस्करण की समस्या को हल करने में मदद करेगा, जिससे किसानों की आय दोगुनी करने का सरकारी लक्ष्य साकार होगा।
क्षेत्र की चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
हालांकि, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी एकीकरण जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन ये निवेश AI और सतत प्रौद्योगिकियों के माध्यम से इन्हें दूर करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश भारत को खाद्य निर्यात में शीर्ष देशों की सूची में शामिल करेगा। वर्ल्ड फूड इंडिया समिट, जो 24-28 सितंबर तक आयोजित हो रहा है, वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
रिलायंस और कोका-कोला के इस मेगा निवेश से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नई क्रांति आएगी, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करेगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगी।