टाटा मोटर्स में नेतृत्व परिवर्तन: शैलेश चंद्रा नए MD-CEO, पीबी बालाजी बने JLR के CEO
नेतृत्व में नई ऊर्जा: 1 अक्टूबर से प्रभावी नियुक्तियां, EV और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा
मुंबई: टाटा मोटर्स लिमिटेड ने अपने नेतृत्व ढांचे में बड़े बदलाव की घोषणा की है, जिसमें शैलेश चंद्रा को अतिरिक्त निदेशक, प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगी और तीन वर्ष तक चलेगी। साथ ही, मौजूदा ग्रुप मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) पीबी बालाजी को जगुआर लैंड रोवर (JLR) ऑटोमोटिव का CEO नियुक्त किया गया है, जो 17 नवंबर 2025 से कार्यभार संभालेंगे। यह बदलाव कंपनी के प्रस्तावित डिमर्जर से पहले आया है, जिसमें कमर्शियल व्हीकल और पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को दो अलग सूचीबद्ध इकाइयों में विभाजित किया जाएगा।
नियुक्तियों का विवरण
टाटा मोटर्स के बोर्ड ने शैलेश चंद्रा की नियुक्ति को मंजूरी दी है, जो टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (TPEM) के जॉइंट MD हैं। उनका कार्यकाल 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2028 तक होगा, जो शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। चंद्रा TPEM की जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे। दूसरी ओर, पीबी बालाजी 17 नवंबर को CFO पद छोड़कर JLR के CEO बनेंगे, जहां वे नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में भी कार्य करेंगे।
इसके अतिरिक्त, धीमन गुप्ता को 17 नवंबर 2025 से नया CFO नियुक्त किया गया है, जबकि गिरीश वाघ को TML कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड का MD और CEO बनाया गया है। सुधा कृष्णन को पांच वर्ष के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है।
नेताओं की पृष्ठभूमि
शैलेश चंद्रा (DIN: 07593905), आईआईएम अहमदाबाद के एमबीए, 2016 से टाटा मोटर्स से जुड़े हैं। उन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बिजनेस को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे टाटा मोटर्स भारत में EV मार्केट लीडर बनी है। वे टाटा टेक्नोलॉजीज और फिएट इंडिया के बोर्ड में भी हैं।
पीबी बालाजी, जो 2017 से CFO हैं, ने टाटा मोटर्स की वित्तीय स्थिरता और ट्रांसफॉर्मेशन में योगदान दिया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर से आए बालाजी अब JLR को नई दिशा देंगे, खासकर हाल के साइबर अटैक और सप्लाई चेन चुनौतियों के बीच। टाटा संस चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, “इन नियुक्तियों से दोनों व्यवसायों को विशेषज्ञता और गति मिलेगी।”
रणनीतिक और बाजार प्रभाव
घोषणा के बाद टाटा मोटर्स के शेयर 1.5% चढ़कर 673.95 रुपये पर बंद हुए। यह बदलाव डिमर्जर प्रक्रिया को सुगम बनाएगा, जिससे पैसेंजर व्हीकल (PV, EV, JLR) और कमर्शियल व्हीकल बिजनेस स्वतंत्र रूप से बढ़ सकेंगे। डिमर्जर से निवेशकों के लिए मूल्य सृजन और परिचालन दक्षता बढ़ेगी।
JLR हाल ही में साइबर अटैक से प्रभावित हुआ है, जिसने इसके यूके संयंत्रों को प्रभावित किया। बालाजी की नियुक्ति से यह इकाई स्थिरता और नवाचार की ओर बढ़ेगी।
समापन
ये नेतृत्व परिवर्तन टाटा मोटर्स को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, वैश्विक विस्तार और डिमर्जर की रणनीति में मजबूती प्रदान करेंगे। शैलेश चंद्रा और पीबी बालाजी की नई भूमिकाएं कंपनी के ‘रीइमेजिन’ विजन को साकार करेंगी, जिससे भारत और वैश्विक ऑटोमोटिव बाजार में इसकी स्थिति और मजबूत होगी।