मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव का हैदराबाद दौरा: ग्रीनको मुख्यालय में भ्रमण, दक्षिण भारत के उद्योगपतियों से निवेश पर संवाद

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इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में वन-टू-वन चर्चा, हरित ऊर्जा, आईटी, बायोटेक सेक्टर पर फोकस; ग्रीन एनर्जी को राष्ट्र विकास का मजबूत स्तंभ बताया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 22 नवंबर 2025 को हैदराबाद में हरित ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ग्रीनको एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के मुख्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने कंपनी की अत्याधुनिक तकनीकों, ऊर्जा संरक्षण प्रणालियों और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन से जुड़े प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया। सीएम ने दक्षिण भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र में वन-टू-वन चर्चा की, जहां उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों का स्वागत करने के लिए पलक-पांवड़े बिछाकर तैयार है। यह दौरा मध्य प्रदेश को निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हरित ऊर्जा, आईटी, बायोटेक और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों पर केंद्रित है।

ग्रीनको हेडक्वार्टर का दौरा: हरित ऊर्जा पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीनको एनर्जीज के अधिकारियों के साथ सौजन्य बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में हो रही ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “हरित ऊर्जा राष्ट्र के विकास का सबसे मजबूत स्तंभ है। भारत आज हरित ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन रहा है।” कंपनी के अधिकारियों ने सीएम को अपने प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी, जिसमें सौर ऊर्जा, विंड एनर्जी और ऊर्जा भंडारण प्रणालियां शामिल हैं।

मध्य प्रदेश और ग्रीनको समूह के बीच परस्पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई, जो राज्य को हरित ऊर्जा उत्पादन का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए अनुकूल नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हैं, जो निवेशकों को आकर्षित करेगा।

दक्षिण भारत के उद्योगपतियों से संवाद: निवेश के अवसरों पर फोकस

हैदराबाद दौरे के मुख्य आकर्षण ‘इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश’ सत्र था, जो होटल द लीला पैलेस में आयोजित हुआ। यहां सीएम ने आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम, बायोटेक, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। उन्होंने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स पार्क और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध विशाल संभावनाओं पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

सीएम डॉ. यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ पसंदीदा राज्य बन रहा है। हमारा संकल्प है कि जो भी कंपनी प्रदेश में निवेश करे या अपनी मौजूदा इकाई का विस्तार करे, उसे राज्य सरकार पूरा सहयोग, मार्गदर्शन और सुविधाएं प्रदान करेगी।” सत्र में बायोटेक क्षेत्र पर केंद्रित एक राउंड टेबल मीटिंग भी हुई, जहां नवाचार आधारित उद्योगों और अनुसंधान-आधारित परियोजनाओं के लिए मध्य प्रदेश में बन रहे अनुकूल वातावरण पर चर्चा की गई।

मध्य प्रदेश की निवेश क्षमता: आकर्षक नीतियां और इंफ्रास्ट्रक्चर

हैदराबाद, जो देश का आईटी हब होने के साथ-साथ फार्मा-बायोटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम), नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष एवं रक्षा उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मजबूत है, के उद्योगपतियों के लिए मध्य प्रदेश एक आदर्श निवेश गंतव्य बन रहा है। सीएम ने प्रदेश की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पारदर्शी नेतृत्व, सुशासन और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया से निवेशकों को हर संभव सहायता मिलेगी।

यह रोड शो फरवरी 2026 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी का हिस्सा है, जहां मध्य प्रदेश 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रख रहा है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हैदराबाद दौरा मध्य प्रदेश को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। ग्रीनको हेडक्वार्टर का दौरा और दक्षिण भारत के उद्योगपतियों से संवाद से राज्य में हरित ऊर्जा, बायोटेक और आईटी जैसे सेक्टरों में नई निवेश संभावनाएं खुलेंगी। सीएम का आह्वान कि ‘सरकार पलक-पांवड़े बिछाकर स्वागत को तैयार’ निवेशकों के बीच उत्साह पैदा कर रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि रोजगार सृजन और सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

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