मारुति ने लॉन्च की देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार: वैगन-आर E85 पर चलेगी, E20 से सस्ता होगा ईंधन

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केंद्रीय मंत्री पुरी का बड़ा ऐलान- 2027 तक 5000 पंपों पर E85 उपलब्ध; गडकरी ने कहा- किसानों की आय बढ़ेगी, आयात पर निर्भरता घटेगी

मारुति सुजुकी ने आज देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार पेश कर दी है। वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल अब E20 से E85 तक के किसी भी मिश्रण पर चल सकती है। यानी इसमें 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह कार पर्यावरण दिवस के मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में लॉन्च की गई।

वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल की खासियत

मारुति की यह नई वैगन-आर 1.2 लीटर K-सीरीज इंजन से लैस है। यह कार E20, E30, E50, E85 और यहां तक कि E100 (100% इथेनॉल) पर भी चल सकती है। कंपनी ने इसे E85 के लिए होमोलोगेट किया है, लेकिन डिजाइन E100 के अनुकूल है।

इस कार के आने से आम उपभोक्ताओं को सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन इस्तेमाल करने का विकल्प मिलेगा।

मंत्री पुरी का बड़ा ऐलान

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि E85 पेट्रोल मौजूदा E20 से सस्ता होगा। उन्होंने बताया कि:

  • 2026 के अंत तक दिल्ली-NCR, मुंबई, पुणे और नागपुर के 500 पेट्रोल पंपों पर E85 उपलब्ध कराया जाएगा।
  • 2027 के अंत तक देशभर में 5,000 E85 डिस्पेंसिंग स्टेशन शुरू करने का लक्ष्य है।

पुरी ने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी क्योंकि इथेनॉल गन्ना, मक्का और अन्य फसलों से बनता है। साथ ही पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

नितिन गडकरी का बयान

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मारुति की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन भारत के आत्मनिर्भर इथेनॉल मिश्रण अभियान को गति देंगे। गडकरी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही अन्य कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल वाहन लॉन्च करेंगी।

फ्लेक्स-फ्यूल कार के फायदे

  • सस्ता ईंधन: E85 पेट्रोल से सस्ता पड़ेगा।
  • कम प्रदूषण: इथेनॉल जलने पर कम कार्बन उत्सर्जन होता है।
  • किसानों को फायदा: इथेनॉल उत्पादन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
  • ऊर्जा सुरक्षा: पेट्रोलियम आयात में कमी आएगी।

आगे क्या?

मारुति ने अभी वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल की कीमत या लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है। यह शुरुआत में मुख्य रूप से कॉर्पोरेट और फ्लीट सेगमेंट के लिए उपलब्ध होगी। धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं के लिए भी लाई जाएगी।

सरकार का लक्ष्य 2030 तक इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20% (E20) से आगे बढ़ाकर E85 स्तर तक ले जाना है।

नोट: E85 इस्तेमाल करने के लिए विशेष पंप और इंजन की जरूरत होती है। सामान्य पेट्रोल पंप पर E85 उपलब्ध नहीं होगा।

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