फोनपे IPO को SEBI से मंजूरी: मौजूदा निवेशक बेचेंगे हिस्सेदारी, डिजिटल पेमेंट्स में दूसरा सबसे बड़ा IPO

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UPI लीडर फोनपे का बाजार डेब्यू जल्द, ₹12,000 करोड़ का इश्यू पूरी तरह OFS; वैल्यूएशन ₹1 लाख करोड़ के पार संभावित, 2026 में लिस्टिंग की तैयारी

डिजिटल पेमेंट्स की अग्रणी कंपनी फोनपे (PhonePe) को अपना ₹12,000 करोड़ का IPO लाने के लिए बाजार नियामक SEBI से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) को कॉन्फिडेंशियल रूट से जमा किया था, जिसे अब मंजूरी मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, यानी कंपनी नई शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। फोनपे भारत का दूसरा सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट्स IPO होगा (पेटीएम के बाद)। कंपनी की वैल्यूएशन इस IPO में ₹1 लाख करोड़ से अधिक पहुंचने की उम्मीद है। लिस्टिंग 2026 की दूसरी तिमाही में होने की संभावना है।

IPO की मुख्य डिटेल्स

  • IPO साइज: ₹12,000 करोड़ (केवल OFS)
  • प्राइस बैंड: अभी घोषित नहीं (मार्केट सोर्स के अनुसार ₹1,800-2,000 के आसपास संभावित)
  • वैल्यूएशन: ₹1 लाख करोड़+ (प्री-IPO वैल्यूएशन)
  • प्रमुख बेचने वाले निवेशक: Walmart (अमेरिका), टाइगर ग्लोबल, जनरल अटलांटिक, रिबिट कैपिटल, सॉफ्टबैंक विजन फंड और अन्य VC/PE फर्म्स
  • लिस्टिंग: BSE और NSE पर (2026 Q2 में संभावित)

फोनपे ने पिछले कुछ महीनों में SEBI के साथ लगातार बातचीत की थी और अब मंजूरी मिलने से कंपनी लिस्टिंग की अंतिम तैयारी में जुट गई है।

फोनपे का प्रदर्शन: UPI में बाजी मार चुकी कंपनी

फोनपे भारत का सबसे बड़ा UPI प्लेटफॉर्म है, जिसके पास दिसंबर 2025 तक 55 करोड़+ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। कंपनी ने FY25 में ₹2,500 करोड़+ का रेवेन्यू दर्ज किया और लगातार प्रॉफिटेबिलिटी की ओर बढ़ रही है। फोनपे ने हाल ही में इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड्स, गोल्ड और क्रेडिट प्रोडक्ट्स में विस्तार किया है, जिससे यह सिर्फ पेमेंट्स ऐप से आगे बढ़कर एक पूरा डिजिटल फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म बन चुकी है।

फंड का उपयोग: मौजूदा निवेशकों को एग्जिट

यह IPO पूरी तरह OFS होने से कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी। सारी राशि मौजूदा शेयरधारकों (Walmart, टाइगर ग्लोबल, जनरल अटलांटिक आदि) को मिलेगी। यह निवेशकों के लिए एग्जिट का बड़ा मौका है, जिन्होंने शुरुआती दौर में कंपनी में निवेश किया था। फोनपे की वैल्यूएशन पिछले राउंड में ₹1.2 लाख करोड़ थी, लेकिन IPO में यह ₹1 लाख करोड़ के आसपास रहने का अनुमान है।

बाजार पर प्रभाव: डिजिटल पेमेंट्स में दूसरा बड़ा IPO

पेटीएम के बाद फोनपे का IPO डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक सेक्टर में दूसरा सबसे बड़ा IPO होगा। यह IPO निवेशकों को UPI और डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज की ग्रोथ स्टोरी में हिस्सेदारी का मौका देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि फोनपे की मजबूत यूजर बेस और डाइवर्सिफाइड रेवेन्यू स्ट्रीम्स से लिस्टिंग के बाद अच्छा प्रदर्शन संभव है।

निष्कर्ष

फोनपे को SEBI से IPO की मंजूरी मिलने से डिजिटल पेमेंट्स सेक्टर में नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। ₹12,000 करोड़ का यह इश्यू 2026 का एक बड़ा IPO होगा, जो फिनटेक और डिजिटल इकोनॉमी में निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर लाएगा। कंपनी की मजबूत ग्रोथ और UPI में लीडरशिप से लॉन्ग-टर्म निवेशकों को भारी रिटर्न की उम्मीद है। प्राइस बैंड और GMP पर नजर रखें, यह IPO मार्केट में धूम मचाने वाला है।

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