मध्य प्रदेश WEF 2026 में निवेश आउटरीच लॉन्च करेगा: सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दावोस में होगी मजबूत मौजूदगी

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सीएम यादव 20-24 जनवरी तक दावोस में रहेंगे, ग्लोबल निवेशकों से करेंगे मुलाकात; मध्य प्रदेश की निवेश क्षमता और स्टार्टअप नीति को वैश्विक मंच पर पेश करेंगे

भोपाल/दावोस: मध्य प्रदेश सरकार ने विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) के वार्षिक सम्मेलन दावोस 2026 में राज्य की निवेश क्षमता और विकास की संभावनाओं को मजबूती से पेश करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व्यक्तिगत रूप से इस सम्मेलन में भाग लेंगे और 20 से 24 जनवरी 2026 तक दावोस में रहकर ग्लोबल CEOs, निवेशकों, फंड मैनेजर्स और नीति-निर्माताओं से मुलाकात करेंगे।

यह पहली बार है जब मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री दावोस में इतने बड़े स्तर पर राज्य-विशेष निवेश आउटरीच का नेतृत्व करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा:

“दावोस सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि वैश्विक निवेशकों के साथ सीधा संवाद का सबसे बड़ा मंच है। हम मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की कहानी को दुनिया के सामने रखेंगे। जो भी कंपनी मध्य प्रदेश में निवेश करना चाहती है, उसके लिए हम पलक-पांवड़े बिछाकर तैयार हैं।”

मध्य प्रदेश के प्रमुख फोकस क्षेत्र दावोस में

मुख्यमंत्री और उनकी टीम दावोस में निम्नलिखित सेक्टरों पर विशेष जोर देगी:

  • इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग — राज्य में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड EV पार्क और बैटरी उत्पादन इकाइयाँ
  • डिफेंस और एयरोस्पेस — ग्वालियर-चंबल डिफेंस कॉरिडोर और रक्षा उत्पादन से जुड़े अवसर
  • सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स — भोपाल-इंदौर में प्रस्तावित सेमीकॉन फैब पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
  • फूड प्रोसेसिंग और एग्री-टेक — मालवा-निमाड़ क्षेत्र की कृषि क्षमता और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स
  • पर्यटन और हेरिटेज — ग्वालियर किला, ओरछा, खजुराहो, साँची और चंबल सफारी जैसे विश्वस्तरीय पर्यटन आकर्षण
  • स्टार्टअप और इनोवेशन — मध्य प्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी 2023 और ₹500 करोड़ फंड ऑफ फंड्स

अपेक्षित परिणाम और रणनीतिक महत्व

  • कई MoUs और निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर की संभावना
  • ग्लोबल फंड्स, PE फर्म्स और कॉर्पोरेट्स के साथ साझेदारी की शुरुआत
  • फरवरी 2026 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी को मजबूती
  • मध्य प्रदेश को “इमर्जिंग इंडस्ट्रियल हब” और “निवेश का नया गंतव्य” के रूप में प्रोजेक्ट करना

मुख्यमंत्री की रणनीति

डॉ. मोहन यादव ने कहा:

“हम सिर्फ भाग लेने नहीं जा रहे, हम निवेश लाने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश अब भारत का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ निवेश गंतव्य बन चुका है। हमारी औद्योगिक नीतियां, पारदर्शी व्यवस्था और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता हमें अन्य राज्यों से अलग बनाती है।”

मुख्यमंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल में उद्योग मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (औद्योगिक नीति) और प्रमुख निवेश प्रोत्साहन अधिकारी शामिल होंगे।

निष्कर्ष

दावोस 2026 में मध्य प्रदेश की यह मजबूत मौजूदगी राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और ऊंचा उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की व्यक्तिगत भागीदारी और निवेशकों से सीधा संवाद मध्य प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगा। यह आयोजन ‘विकसित मध्य प्रदेश’ और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को और मजबूत करेगा।

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