जीएसटी में कटौती के बाद 4 लाख रुपये से कम में शुरू होंगी छोटी कारें, ऑटोमेकर्स को मांग में उछाल की उम्मीद
किफायती कारों की मांग बढ़ने की संभावना, बाजार में नई जान फूंकने की तैयारी
भोपाल: हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा छोटी कारों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में कटौती की घोषणा ने ऑटोमोबाइल उद्योग में नई उम्मीदें जगाई हैं। इस कदम के बाद, छोटी कारों की कीमतें अब 4 लाख रुपये से कम शुरू होने की संभावना है, जिससे मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए कार खरीदना अधिक किफायती हो जाएगा। ऑटोमोबाइल निर्माताओं का मानना है कि इस कटौती से छोटी कारों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जो हाल के वर्षों में बढ़ती कीमतों और आर्थिक मंदी के कारण सुस्त पड़ी थी।
जीएसटी कटौती का प्रभाव
सरकार ने छोटी कारों (1,200 सीसी से कम पेट्रोल इंजन और 1,500 सीसी से कम डीजल इंजन) पर जीएसटी दर को 28% से घटाकर 18% करने का फैसला किया है। इसके अतिरिक्त, कुछ विशेष मॉडलों पर सेस में भी कमी की गई है। इस कटौती से छोटी कारों की कीमतों में लगभग 50,000 से 80,000 रुपये तक की कमी आने की उम्मीद है। उदाहरण के लिए, मारुति सुजुकी की लोकप्रिय हैचबैक मॉडल जैसे ऑल्टो और स्विफ्ट, साथ ही हुंडई की ग्रैंड i10 और टाटा की टियागो जैसे वाहनों की कीमतें अब 4 लाख रुपये से नीचे शुरू हो सकती हैं।
ऑटोमेकर्स की प्रतिक्रिया
ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। मारुति सुजुकी इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह कटौती छोटी कारों के बाजार को पुनर्जनन देगी। हम उम्मीद करते हैं कि अगले कुछ महीनों में बिक्री में 15-20% की वृद्धि होगी।” इसी तरह, हुंडई मोटर इंडिया ने भी इस कदम को उपभोक्ता-अनुकूल बताते हुए कहा कि यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा देगा।
उपभोक्ताओं के लिए लाभ
यह कटौती खास तौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद होगी जो पहली बार कार खरीदने की योजना बना रहे हैं। छोटी कारें, जो पहले से ही ईंधन दक्षता और कम रखरखाव लागत के लिए जानी जाती हैं, अब और अधिक किफायती हो जाएंगी। दिल्ली के एक कार डीलर, राजेश शर्मा ने बताया, “पिछले दो वर्षों में कीमतों में वृद्धि के कारण ग्राहक कार खरीदने से हिचक रहे थे। अब, कम कीमतों के साथ, हम शोरूम में अधिक भीड़ की उम्मीद कर रहे हैं।”
बाजार में संभावित उछाल
ऑटोमोबाइल उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कटौती न केवल छोटी कारों की बिक्री को बढ़ाएगी, बल्कि संपूर्ण ऑटोमोबाइल क्षेत्र को भी मजबूती देगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां छोटी कारें अधिक लोकप्रिय हैं, मांग में तेजी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, यह कदम ऑटोमोबाइल सेक्टर में रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दे सकता है, क्योंकि कंपनियां उत्पादन बढ़ाने के लिए नए निवेश की योजना बना रही हैं।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं इस कटौती के पूर्ण लाभ को सीमित कर सकती हैं। फिर भी, ऑटोमेकर्स इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं और लागत प्रबंधन पर ध्यान दे रहे हैं।
कटौती का यह कदम छोटी कारों के बाजार में नई जान फूंकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। उपभोक्ताओं को किफायती विकल्प मिलने के साथ-साथ, ऑटोमोबाइल उद्योग को भी इस नीतिगत बदलाव से दीर्घकालिक लाभ होने की उम्मीद है।