मूडीज का अनुमान: भारत 2027 तक G-20 की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनेगा, 6.5% की दर से बढ़ेगी GDP; अमेरिकी टैरिफ का असर न्यूनतम
2025 में 7%, 2026 में 6.4% ग्रोथ का पूर्वानुमान; मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, घरेलू मांग और निर्यात विविधीकरण से मिलेगा बल
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने अपनी नवीनतम ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2026-27’ रिपोर्ट में भारत को G-20 देशों में सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की GDP 2025 में 7%, 2026 में 6.4% और 2027 में 6.5% की दर से बढ़ेगी। यह पूर्वानुमान अमेरिकी टैरिफ जैसे वैश्विक दबावों के बावजूद भारत की मजबूत आर्थिक नींव, विविधीकृत निर्यात आधार और घरेलू मांग की ताकत को रेखांकित करता है। 13 नवंबर 2025 को जारी रिपोर्ट में मूडीज ने कहा कि भारत की ग्रोथ वैश्विक औसत (2.5-2.6%) से कहीं ऊपर रहेगी, जो उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच भी सबसे तेज होगी।
ग्रोथ के प्रमुख ड्राइवर: इंफ्रा और उपभोक्ता मांग
मूडीज ने भारत की सतत ग्रोथ का श्रेय मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, लचीली घरेलू उपभोक्ता मांग और निर्यात विविधीकरण को दिया है। रिपोर्ट में कहा गया, “भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी रहेगी, जहां निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय सतर्क रहने के बावजूद सार्वजनिक निवेश और निर्यात रीडायरेक्शन से समर्थन मिलेगा।” अमेरिकी टैरिफ (कुछ उत्पादों पर 50%) का असर न्यूनतम रहेगा, क्योंकि भारतीय निर्यातक उत्पादों को अन्य बाजारों (जैसे यूरोप और एशिया) की ओर मोड़ चुके हैं सितंबर में कुल निर्यात 6.75% बढ़ा, जबकि अमेरिका को 12% कमी के बावजूद।
मूडीज ने 2025 में मुद्रास्फीति 2.8%, 2026 में 3.5% और 2027 में 4% रहने का अनुमान लगाया। आरबीआई की न्यूट्रल-टू-ईजी मौद्रिक नीति (अक्टूबर में रेपो रेट स्थिर) से कम मुद्रास्फीति और मजबूत ग्रोथ का संतुलन बनेगा। उन्नत अर्थव्यवस्थाओं (1.5% ग्रोथ) की तुलना में उभरती अर्थव्यवस्थाएं 4% बढ़ेंगी, जिसमें भारत सबसे आगे रहेगा।
अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से तुलना
मूडीज ने चीन की ग्रोथ 2025 में 5% रखी, जो सरकारी उत्तेजना और निर्यात से प्रेरित होगी, लेकिन घरेलू खपत कमजोर होने से 2027 तक 4.2% पर सिमट जाएगी। अमेरिका में उपभोक्ता खर्च और AI निवेश से 1.8% (2026) और 1.9% (2027) ग्रोथ रहेगी, लेकिन टैरिफ और इमिग्रेशन चुनौतियां बाधा बनेंगी। यूरोप में रोजगार वृद्धि और ईसीबी की नीतियों से मंदी से उबराव होगा। वैश्विक GDP 2026-27 में 2.5-2.6% रहेगी, जो 2025 के 2.6% से थोड़ी कम होगी।
G-20 में भारत और ब्राजील सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाएं होंगी, जहां भारत 6.5% और ब्राजील 2% ग्रोथ करेगी। मूडीज ने कहा, “भारत और ब्राजील जैसे देश घरेलू और निर्यात विविधीकरण से समर्थित रहेंगे।”
| वर्ष | भारत GDP ग्रोथ (%) | वैश्विक औसत (%) | चीन (%) | अमेरिका (%) |
|---|---|---|---|---|
| 2025 | 7.0 | 2.6 | 5.0 | – |
| 2026 | 6.4 | 2.5-2.6 | – | 1.8 |
| 2027 | 6.5 | 2.5-2.6 | 4.2 | 1.9 |
आंकड़े: मूडीज ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2026-27 से।
भारत की ताकत: लचीलापन और नीतियां
रिपोर्ट में भारत की ताकत के रूप में RBI की स्थिर नीति, कम मुद्रास्फीति और निर्यात रीडायरेक्शन को गिना गया। मूडीज ने चेतावनी दी कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता (नॉन-इन्वेस्टमेंट ग्रेड बॉन्ड स्प्रेड्स में वृद्धि) और तकनीकी बदलाव (जैसे AI) से कुछ क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। फिर भी, भारत की ग्रोथ उभरती अर्थव्यवस्थाओं से ऊपर रहेगी।
निष्कर्ष
मूडीज का यह अनुमान भारत की आर्थिक मजबूती को प्रमाणित करता है, जो वैश्विक चुनौतियों के बीच भी G-20 में सबसे तेज बढ़ने वाली बनेगी। 6.5% की ग्रोथ से इंफ्रा, रोजगार और निवेश को बल मिलेगा। सरकार की नीतियां और RBI का संतुलन इस गति को बनाए रखेंगे। निवेशकों और नीति-निर्माताओं के लिए यह सकारात्मक संकेत है, जो भारत को वैश्विक विकास इंजन के रूप में स्थापित करता है।