RBI सरकार को देगा रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड: 7% बढ़ोतरी, ईरान-इजराइल संकट में बड़ी राहत

3

केंद्रीय बैंक का सरप्लस ट्रांसफर पिछले साल से ऊंचा; खजाने को मिलेगा फिस्कल बफर, महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम होगा

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने केंद्र सरकार को रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड (सरप्लस ट्रांसफर) देने की घोषणा की है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष के ₹2.69 लाख करोड़ से करीब 7% अधिक है। ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच यह सरकार के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

क्यों बढ़ा डिविडेंड?

RBI के केंद्रीय बोर्ड ने 2025-26 के लिए सरप्लस ट्रांसफर को मंजूरी दी। बैंक का बैलेंस शीट 20.61% बढ़कर ₹91.97 लाख करोड़ हो गया। नेट इनकम में वृद्धि और बेहतर परिसंपत्ति प्रबंधन के कारण सरप्लस ज्यादा बना। RBI ने कंटिंजेंट रिस्क बफर (CRB) को 6.5% पर बनाए रखा है, जिससे अतिरिक्त फंड सरकार को ट्रांसफर किया जा सका।

भू-राजनीतिक संकट का असर

ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे भारत का आयात बिल फूल रहा है। RBI का यह डिविडेंड सरकार को फिस्कल घाटे को नियंत्रित करने और महंगाई के दबाव को संभालने में मदद करेगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह राशि बजट अनुमानों से थोड़ी कम है, लेकिन बाजार की उम्मीदों से बेहतर है।

सरकार को क्या फायदा?

  • फिस्कल घाटा 4.3% के लक्ष्य के करीब रखने में मदद
  • महंगाई नियंत्रण के लिए अतिरिक्त संसाधन
  • कैपिटल एक्सपेंडिचर और कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंड
  • विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखने में सहयोग

विशेषज्ञों की राय

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि RBI का यह कदम समय पर आया है। हालांकि कुछ विश्लेषक मानते हैं कि अगर CRB को और कम किया जाता तो ट्रांसफर और ज्यादा हो सकता था। फिर भी, ₹2.87 लाख करोड़ की राशि सरकार के लिए महत्वपूर्ण बफर साबित होगी।

आगे क्या?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैंक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले महीनों में अगर तेल की कीमतें और बढ़ीं तो यह डिविडेंड और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।

सरकार अब इस राशि का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे, रक्षा और सामाजिक योजनाओं पर कर सकती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.