अडाणी को बड़ी राहत: अमेरिका में धोखाधड़ी और रिश्वत के केस हट सकते हैं, ब्लूमबर्ग का दावा

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DOJ आरोप वापस लेने की तैयारी में, SEC के साथ करीब $18 मिलियन का समझौता नजदीक; अडाणी ग्रुप के शेयरों में तेजी, भारत की छवि पर भी असर

अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी को अमेरिका से बड़ी राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अडाणी के खिलाफ लगे धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के आपराधिक आरोपों को वापस लेने की तैयारी कर रहा है। यह केस करीब $265 मिलियन (लगभग ₹2,200-2,500 करोड़) के कथित घोटाले से जुड़ा था, जिसमें भारत में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए अधिकारियों को कथित रिश्वत देने और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया था।

ब्लूमबर्ग का दावा

ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिकी अधिकारी इस हफ्ते ही आरोप वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं। साथ ही, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ सिविल फ्रॉड केस का निपटारा भी नजदीक है। अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी मिलकर करीब $18 मिलियन का समझौता करने को तैयार हैं। गौतम अडाणी खुद इसका एक हिस्सा चुकाएंगे।

महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी समझौते में गलती स्वीकार करने की शर्त नहीं रखी गई है।

केस की पृष्ठभूमि

नवंबर 2024 में अमेरिकी अधिकारियों ने अडाणी और अन्य आरोपियों पर भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स जीतने के लिए सरकारी अधिकारियों को कथित रिश्वत देने और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया था। अडाणी समूह ने शुरू से ही इन आरोपों को खारिज किया था और इसे राजनीति से प्रेरित बताया था।

अडाणी की प्रतिक्रिया और निवेश वादा

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अडाणी ने अमेरिका में $10 बिलियन के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिसने भी इस मामले को सुलझाने में भूमिका निभाई हो सकती है। अडाणी समूह पहले से ही अमेरिका में बंदरगाह, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहा है।

बाजार पर असर

खबर सामने आते ही अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। निवेशक इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। लंबे समय से कानूनी अनिश्चितता के बाद यह राहत अडाणी समूह के वैश्विक विस्तार को नई गति दे सकती है।

भारत की छवि पर प्रभाव

यह घटनाक्रम भारत की वैश्विक छवि के लिए भी महत्वपूर्ण है। अडाणी समूह देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूहों में से एक है और इसके खिलाफ आरोपों का हटना विदेशी निवेशकों के लिए सकारात्मक संदेश भेज सकता है। हालांकि, कुछ आलोचक इसे “समझौता” मानकर सवाल उठा सकते हैं।

अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। अगर DOJ आरोप वापस ले लेता है और SEC के साथ समझौता हो जाता है, तो अडाणी समूह पर लंबे समय से लटका यह कानूनी बोझ खत्म हो जाएगा। इससे समूह अपनी विस्तार योजनाओं पर और तेजी से काम कर सकेगा।

विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अडाणी समूह के लिए राहत भरा है, लेकिन पूरी तरह साफ-सुथरा समाधान तभी माना जाएगा जब सभी पक्ष पारदर्शी तरीके से मामले को निपटाएं।

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