प्रधानमंत्री मोदी का लाल किले से संबोधन: 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य, आत्मनिर्भरता और तेज विकास पर जोर

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम ने युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग, सेमीकंडक्टर और परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य बताए; सप्त धारा से देश की शक्ति बढ़ाने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को लाल किले के प्राचीर से देश को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत (विकसित भारत) बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी महत्वाकांक्षाओं से काम नहीं चलेगा, देश को बड़े सपने देखने होंगे। आत्मनिर्भरता, तेज विकास और युवा शक्ति को केंद्र में रखकर भारत को विश्व में नई ऊंचाई पर पहुंचाने का आह्वान किया।

विकसित भारत 2047 का विजन

प्रधानमंत्री ने कहा, “पूरा देश नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत ने बड़ा सपना देखा है—2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का। विकसित भारत 2047 में साकार होगा।” उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पहले भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश ने तेज प्रगति की है। अब लक्ष्य है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो।

सप्त धारा: सात शक्ति धाराएं

पीएम मोदी ने देश की ताकत बढ़ाने के लिए सप्त धारा का आह्वान किया। ये सात धाराएं हैं—

  • विनिर्माण शक्ति
  • कृषि और खाद्य प्रसंस्करण
  • प्रौद्योगिकी और नवाचार
  • गति शक्ति (इंफ्रास्ट्रक्चर)
  • रक्षा शक्ति
  • हरित और नीली अर्थव्यवस्था
  • सॉफ्ट पावर

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अगले 5-7 वर्षों में वह काम करना होगा जो दशकों में नहीं हो पाया। युवा शक्ति इस अभियान की मुख्य चालक शक्ति बनेगी।

युवाओं के लिए बड़े ऐलान

प्रधानमंत्री ने युवाओं को केंद्र में रखते हुए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  • आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी।
  • गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति अगर सही दिशा में आगे बढ़े तो भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सकता है।

आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया

आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए पीएम ने कहा, “हम अन्य देशों पर निर्भर नहीं रह सकते। हमें आत्मनिर्भर बनना ही होगा।” वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने और घरेलू उत्पादों को अपनाने की अपील की। विनिर्माण में लागत, गुणवत्ता और पैमाने पर ध्यान देने की बात कही ताकि भारत वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सके।

सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सुरक्षा

  • सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तीन प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है। जल्द 5 से 8 और प्लांट लगने की उम्मीद है।
  • परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावॉट तक पहुंचाने का लक्ष्य 2047 तक रखा गया है। इस दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना है।
  • ऊर्जा सुरक्षा को समय की मांग बताया गया।

अन्य प्रमुख बातें

  • पिछले एक दशक में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हुआ।
  • पाइप गैस कनेक्शन पहले 70 शहरों तक सीमित था, अब 700 से ज्यादा शहरों में पहुंच चुका है।
  • सौर ऊर्जा क्षमता 106 गीगावॉट तक पहुंची।
  • बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और राष्ट्र के समर्थन का आश्वासन दिया।
  • स्वतंत्रता सेनानियों और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाने के ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख किया (वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर)।

कानूनों में सुधार की जरूरत

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सदी के कानूनों को 21वीं सदी के अनुरूप बदलने की जरूरत है। सुधारों की गति तेज करनी होगी ताकि विकास की राह आसान बने।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 80वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में विकसित भारत 2047 का स्पष्ट रोडमैप सामने आया। आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा को केंद्र में रखकर देश को नई ऊंचाई पर ले जाने का आह्वान किया गया। सप्त धारा के जरिए सात प्रमुख क्षेत्रों में तेज प्रगति का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं के लिए एआई ट्रेनिंग और मुफ्त कोचिंग जैसे कदम भविष्य की नींव मजबूत करने वाले हैं। देश अब छोटे सपनों से आगे बढ़कर बड़े संकल्प के साथ 2047 की ओर अग्रसर है।

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