पीएम गतिशक्ति के तहत ₹18.66 लाख करोड़ की 396 इंफ्रा परियोजनाओं की सिफारिश

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सड़क, रेल, पोर्ट समेत कई क्षेत्रों की परियोजनाएं; 256 को मंजूरी, 198 पर काम शुरू; लॉजिस्टिक्स लागत घटाने और कनेक्टिविटी मजबूत करने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री गतिशक्ति पहल के तहत विभिन्न मंत्रालयों की 396 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी की सिफारिश की गई है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹18.66 लाख करोड़ है। नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG) द्वारा इनका मूल्यांकन किया गया है। इनमें से 256 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और 198 पर काम चल रहा है।

गतिशक्ति का महत्व

पीएम गतिशक्ति की शुरुआत 13 अक्टूबर 2021 को हुई थी। इसका उद्देश्य एकीकृत बुनियादी ढांचे का विकास करना और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना है। ₹500 करोड़ से अधिक निवेश वाली सभी कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को NPG के माध्यम से भेजा जाता है। यह “Whole of Government” अप्रोच पर आधारित है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर योजना बनाती हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा था कि गतिशक्ति के तहत देशभर में सहज और तेज कनेक्टिविटी पर ध्यान देना होगा।

क्षेत्रवार परियोजनाएं

सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय: 171 परियोजनाएं (सबसे अधिक)
  • रेल मंत्रालय: 162 परियोजनाएं
  • आवास और शहरी मामलों, पेट्रोलियम, बंदरगाह, नागरिक उड्डयन, नवीकरणीय ऊर्जा समेत अन्य मंत्रालय भी शामिल हैं।

ये परियोजनाएं सड़क, रेल, पोर्ट, पावर, सिविल एविएशन और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों को कवर करती हैं।

अर्थव्यवस्था पर असर

इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से जीडीपी को बढ़ावा मिलता है। अध्ययनों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग विकास पर खर्च किया गया हर रुपये जीडीपी में ₹3.2 तक का योगदान दे सकता है। गतिशक्ति से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, कारखाने से उपभोक्ता तक सप्लाई चेन आसान बनेगी और व्यापार प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

किन भारतीय शेयरों को फायदा हो सकता है?

बड़े इंफ्रा ऑर्डर और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से निर्माण और इंजीनियरिंग कंपनियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है:

  • L&T: सड़क, रेल और बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में अग्रणी।
  • आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर, पीएनसी इन्फ्राटेक, केएनआर कंस्ट्रक्शन, एचजी इंफ्रा, एनसीसी: हाईवे और रोड प्रोजेक्ट्स में सक्रिय।
  • रेल विकास निगम (RVNL), आईआरकॉन इंटरनेशनल, रेलटेल: रेलवे परियोजनाओं से लाभ।
  • अडानी पोर्ट्स, जेएमएस ड्रिलिंग या पोर्ट/लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियां।
  • Power और Renewable से जुड़े खिलाड़ी भी संबंधित परियोजनाओं से लाभान्वित हो सकते हैं।

समग्र रूप से इंफ्रा और कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयरों में सकारात्मक धारणा बनने की उम्मीद है।

आगे की राह

अब इन परियोजनाओं के तेज क्रियान्वयन पर ध्यान होगा। भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और समन्वय जैसी चुनौतियों को समय पर हल करना जरूरी होगा। गतिशक्ति पोर्टल पर डेटा एनालिटिक्स की सुविधा से निजी क्षेत्र भी योजना बनाने में मदद ले सकता है।

निष्कर्ष

पीएम गतिशक्ति के तहत ₹18.66 लाख करोड़ की 396 परियोजनाओं की सिफारिश देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा कदम है। एकीकृत योजना और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी तथा आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। निर्माण कंपनियों और संबंधित शेयरों के लिए यह अच्छी खबर है। अब नजर इन परियोजनाओं के जमीनी अमल पर होगी।

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