दावोस 2026: भारत की धमाकेदार मौजूदगी, सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे

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विश्व आर्थिक मंच पर मध्य प्रदेश की निवेश क्षमता का प्रदर्शन; मुख्यमंत्री यादव 20-24 जनवरी को दावोस में होंगे मौजूद, ग्लोबल निवेशकों से करेंगे मुलाकात

भोपाल/दावोस: विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के वार्षिक सम्मेलन दावोस 2026 में भारत एक बार फिर शक्तिशाली और आत्मविश्वास से भरी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। इस बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लेंगे और राज्य की निवेश क्षमता, औद्योगिक नीतियों तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर पेश करेंगे।

भारत का फोकस: आत्मनिर्भरता, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में दावोस में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत किया है। 2026 के एजेंडे में भारत मुख्य रूप से इन मुद्दों पर बात करेगा:

  • आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया 2.0
  • ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी और नेट-जीरो लक्ष्य
  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI, Aadhaar, ONDC, DigiLocker)
  • AI, सेमीकंडक्टर और डीप टेक में भारत की बढ़ती भूमिका
  • ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री, वाणिज्य मंत्री, उद्योग मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

मध्य प्रदेश की विशेष उपस्थिति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 से 24 जनवरी तक दावोस में रहेंगे। वे कई हाई-लेवल सत्रों में भाग लेंगे और ग्लोबल CEOs, निवेशकों तथा फंड मैनेजर्स से मुलाकात करेंगे। मुख्य फोकस क्षेत्र:

  • इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग — मध्य प्रदेश में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड EV पार्क
  • डिफेंस और एयरोस्पेस — ग्वालियर-चंबल डिफेंस कॉरिडोर
  • सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स — भोपाल-इंदौर में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर फैब पार्क
  • फूड प्रोसेसिंग और एग्री-टेक — मालवा-निमाड़ क्षेत्र की कृषि क्षमता
  • पर्यटन और हेरिटेज — ग्वालियर, ओरछा, खजुराहो और सanchi

सीएम यादव ने कहा: दावोस में हम सिर्फ भाग लेने नहीं जा रहे, हम निवेश लाने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश अब भारत का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ निवेश गंतव्य है और हम ग्लोबल कंपनियों को पलक-पांवड़े बिछाकर स्वागत करने को तैयार हैं।”

अपेक्षित परिणाम

  • कई MoUs और निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर की उम्मीद
  • ग्लोबल फंड्स और कॉर्पोरेट्स के साथ साझेदारी की शुरुआत
  • मध्य प्रदेश को “इमर्जिंग इंडस्ट्रियल हब” के रूप में प्रोजेक्ट करना
  • 2026 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी को और मजबूती

निष्कर्ष

दावोस 2026 में भारत और खासकर मध्य प्रदेश की मौजूदगी न केवल प्रतीकात्मक होगी, बल्कि ठोस निवेश, साझेदारी और वैश्विक मान्यता के रूप में परिणाम देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की व्यक्तिगत भागीदारी इस बात का संकेत है कि राज्य अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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