नेटवर्किंग से नेक्स्ट-लेवल ग्रोथ के लिए बिजनेस समिट  में जुटे देशभर के स्टार्टअप लीडर्स

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बीएनआई भोपाल चैप्टर की ओर से हुआ एमपी बिजनेस नेटवर्किंग समिट–2026 का शुभारंभ

भोपाल। स्टार्टअप इकोसिस्टम, निवेश और नेटवर्किंग को नई दिशा देने के उद्देश्य से बिजनेस नेटवर्क इंटरनेशनल (बीएनआई) भोपाल चैप्टर की ओर से शनिवार को एमपी बिजनेस नेटवर्किंग समिट–2026 का शुभारंभ हुआ। यह दो दिवसीय समिट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन 2047 और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना को जमीन पर उतारने की दिशा में एक पहल है। वन विहार रोड स्थित होटल सायाजी में आयोजित इस समिट में देशभर से 25 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के स्पीकर्स, इंडस्ट्री लीडर्स, इन्वेस्टर्स और बिजनेस नेटवर्क्स ने सहभागिता की। कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, एमएसएमई, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स और उद्यमियों को एक साझा मंच मिला, जहां उन्होंने न केवल अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए, बल्कि बिजनेस रेफरल एक्सचेंज के जरिए संभावित साझेदारियों की नींव भी रखी। समिट के उद्घाटन अवसर पर मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेन्द्रम,
पश्चिम मध्यप्रदेश सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल विकास लाल, शिक्षाविद् प्रवीण ठकराल, स्वदेशी जागरण मंच के सुधीर दाते, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल मोनीष आहूजा, बीएनआई भोपाल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रदीप करम्बेलकर और एमपी बिजनेस नेटवर्किंग समिट के चेयरपर्सन अभिषेक शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने स्टार्टअप्स को नवाचार, तकनीक और नेटवर्किंग के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ने का संदेश दिया।

पहले दिन हुए 800 से अधिक बिजनेस रेफरल पास:
समिट के पहले दिन का मार्केट प्लेस सत्र स्टार्टअप्स और इन्वेस्टर्स के लिए सबसे बड़ा आकर्षण रहा। इस रैपिड-फायर फॉर्मेट में पॉलिसी मेकर्स, इन्वेस्टर्स और स्टार्टअप फाउंडर्स ने राउंड टेबल चर्चाओं के दौरान अपने बिजनेस आइडियाज, स्केलेबिलिटी मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी साझा की। चार अलग-अलग राउंड में हुए इन सत्रों के दौरान 800 से अधिक बिजनेस रेफरल पास हुए, जिससे आने वाले समय में बड़े निवेश और व्यापारिक साझेदारियों की संभावनाएं बनीं। बीएनआई भोपाल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रदीप करम्बेलकर ने कहा कि एमपी बिजनेस नेटवर्किंग समिट केवल विजिटिंग कार्ड एक्सचेंज करने का मंच नहीं है, बल्कि यह बिजनेस अंडरस्टैंडिंग, ट्रस्ट और रेफरल-बेस्ड ग्रोथ का प्रभावी प्लेटफॉर्म है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स के लिए सही नेटवर्किंग ही सबसे बड़ा कैटेलिस्ट साबित होती है। इस अवसर पर उपस्थित भारत सरकार के एमएसएमई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नीलेश त्रिवेदी ने बिजनेस ग्रोथ और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में 7 करोड़ 53 लाख एमएसएमई रजिस्टर्ड हैं जिनसे 33 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। शाम के सत्र में ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें यह बताया गया कि स्टार्टअप्स और उद्यमी अपने बिजनेस को लोकल से ग्लोबल कैसे ले जा सकते हैं। ग्लोबल मार्केट एक्सेस, टैलेंट स्ट्रेटजी और इंटरनेशनल पार्टनरशिप जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

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