1 मई से प्रभावी होगा वेदांता का डीमर्जर: RBI ने रुपए के ट्रेड पर लगी पाबंदियां हटाईं
वेदांता ग्रुप का लंबे समय से चर्चित डीमर्जर प्लान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 1 मई 2026 से डीमर्जर प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी विदेशी मुद्रा लेन-देन पर लगी कई पाबंदियां हटा दी हैं, जो डीमर्जर प्रक्रिया को और आसान बनाएगा।
वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, यह हमारे ग्रुप के लिए एक नया अध्याय है। डीमर्जर के बाद प्रत्येक बिजनेस अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर सकेगा और शेयरधारकों को अलग-अलग वैल्यू मिलेगी।”
डीमर्जर की मुख्य बातें
वेदांता के डीमर्जर प्लान के तहत कंपनी को पांच अलग-अलग लिस्टेड इकाइयों में बांटा जाएगा:
- वेदांता लिमिटेड — मुख्य होल्डिंग कंपनी
- वेदांता ऑयल एंड गैस — तेल और गैस कारोबार
- वेदांता मेटल्स — जिंक, एल्युमिनियम और आयरन ओर बिजनेस
- वेदांता पावर — बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन
- वेदांता रिन्यूएबल्स — सोलर और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स
शेयरधारकों को प्रत्येक नई कंपनी में अनुपात के आधार पर शेयर दिए जाएंगे। कंपनी का अनुमान है कि डीमर्जर के बाद कुल वैल्यूएशन में 20-25% की बढ़ोतरी हो सकती है।
RBI का महत्वपूर्ण फैसला
डीमर्जर को सुविधाजनक बनाने के लिए RBI ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन (FEMA) नियमों में छूट दी है। अब वेदांता ग्रुप की कंपनियां विदेशी ऋण, डिविडेंड ट्रांसफर और क्रॉस-बॉर्डर लेन-देन में पहले से ज्यादा लचीलापन प्राप्त कर सकेंगी। विशेष रूप से रुपए के ट्रेड और विदेशी मुद्रा लेन-देन पर लगी कई पाबंदियां हटा दी गई हैं।
आरबीआई के इस कदम से वेदांता जैसी बड़ी कंपनियों को अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बाजार की प्रतिक्रिया
डीमर्जर और RBI के फैसले की खबर आने के बाद वेदांता के शेयर में तेजी आई। ब्रोकरेज हाउसेज ने डीमर्जर को पॉजिटिव बताया और कहा कि इससे प्रत्येक बिजनेस की अलग-अलग वैल्यू अनलॉक होगी।
विशेषज्ञों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि वेदांता का डीमर्जर भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में सबसे बड़े रिस्ट्रक्चरिंग एक्सरसाइज में से एक है। इससे ग्रुप की कुल वैल्यू बढ़ने के साथ-साथ प्रत्येक सेक्टर में फोकस्ड ग्रोथ संभव हो सकेगी।
आरबीआई की छूट से विदेशी निवेश आकर्षित करने में भी आसानी होगी। हालांकि, कुछ विश्लेषक चिंता जता रहे हैं कि डीमर्जर प्रक्रिया पूरी होने में अभी भी 6-9 महीने लग सकते हैं।
निष्कर्ष
1 मई 2026 से प्रभावी होने वाला वेदांता का डीमर्जर और RBI द्वारा विदेशी मुद्रा नियमों में दी गई छूट दोनों ही फैसले भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह कदम न सिर्फ वेदांता ग्रुप को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए रिस्ट्रक्चरिंग का नया मॉडल भी पेश करेगा।