ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया, कमर्शियल जहाज गुजर सकेंगे, ट्रम्प ने कहा- शुक्रिया, लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी
मध्य पूर्व तनाव में अचानक राहत, ईरान के फैसले से वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद; भारत को तेल आयात पर मिल सकती है बड़ी राहत
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया, कमर्शियल जहाज गुजर सकेंगे: लेबनान में सीजफायर के बाद फैसला; ट्रम्प बोले- शुक्रिया, लेकिन ईरान की नाकाबंदी जारी रहेगी
मध्य पूर्व में लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को कमर्शियल जहाजों के लिए फिर से खोल दिया है। इस फैसले के बाद दुनिया भर के तेल टैंकर अब इस महत्वपूर्ण जल मार्ग से गुजर सकेंगे। ईरान के इस कदम को लेबनान में हुए सीजफायर के तुरंत बाद लिया गया है, जिससे वैश्विक बाजार में राहत की लहर दौड़ गई है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि लेबनान में सीजफायर लागू होने के बाद मानवीय और आर्थिक कारणों से होर्मुज स्ट्रेट को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया कि सैन्य जहाजों पर पाबंदी अभी भी बरकरार रहेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “ईरान का यह कदम सही दिशा में है। शुक्रिया। लेकिन ईरान पर हमारी नाकाबंदी और प्रतिबंध अभी भी पूरी तरह लागू रहेंगे।” ट्रम्प ने आगे कहा कि अगर ईरान अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम पर कोई ठोस समझौता करता है, तो भविष्य में और छूट दी जा सकती है।
भारत पर क्या असर?
भारत के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- भारत अपना लगभग 45-50% कच्चा तेल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आयात करता है।
- स्ट्रेट बंद होने की आशंका से पिछले दिनों कच्चे तेल की कीमतें $90 प्रति बैरल के पार चली गई थीं।
- अब स्ट्रेट खुलने से तेल की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बढ़ता दबाव कम हो सकता है।
- रुपए पर भी कुछ राहत मिलने की संभावना है, जो हाल ही में 95.22 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था।
बाजार की प्रतिक्रिया
समाचार सामने आते ही वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख देखा गया। ब्रेंट क्रूड की कीमतें $87 प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में भी सुबह के सत्र में सेंसेक्स 400 अंक और निफ्टी 120 अंक ऊपर कारोबार कर रहा था। तेल विपणन कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखी गई।
विशेषज्ञों की राय
- अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य रहा तो भारत को तेल आयात बिल में मासिक ₹8,000-10,000 करोड़ की बचत हो सकती है।
- कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यह राहत अस्थायी हो सकती है, क्योंकि ट्रम्प ने ईरान पर प्रतिबंध जारी रखने की बात कही है।
निष्कर्ष
ईरान का होर्मुज स्ट्रेट खोलने का फैसला मध्य पूर्व में कुछ राहत का संकेत है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह अच्छी खबर है। हालांकि, ट्रम्प की चेतावनी और क्षेत्र में बने तनाव को देखते हुए स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। सरकार और RBI को इस पर लगातार नजर रखनी होगी ताकि तेल की कीमतों और रुपए की स्थिरता बनी रहे