प्रधानमंत्री मोदी के ‘शक्ति की सप्तधारा’ विजन को साकार करने का संकल्प:शिवराज सिंह चौहान
कृषि मंत्री ने कहा- सप्तधारा के तहत खेती, विनिर्माण और हरित अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे; किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में दिए गए ‘शक्ति की सप्तधारा’ विजन को जमीन पर उतारने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि यह विजन भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और कृषि क्षेत्र इसकी रीढ़ बनेगा।
सप्तधारा क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से देश को संबोधित करते हुए ‘सप्तधारा’ का आह्वान किया था। ये सात शक्ति धाराएं हैं—
- विनिर्माण शक्ति
- कृषि और खाद्य प्रसंस्करण
- प्रौद्योगिकी और नवाचार
- गति शक्ति (इंफ्रास्ट्रक्चर)
- रक्षा शक्ति
- हरित और नीली अर्थव्यवस्था
- सॉफ्ट पावर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन सातों धाराओं को मजबूत करके ही भारत आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकता है। कृषि मंत्री के रूप में वे खेती, किसान कल्याण और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी धारा को प्राथमिकता देंगे।
कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन में कृषि को सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। “हम सप्तधारा के तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सुविधा और बाजार से जोड़ने का काम तेजी से करेंगे,” उन्होंने कहा।
उन्होंने दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और बागवानी फसलों को बढ़ावा देने की बात कही ताकि आयात निर्भरता घटे और किसानों को बेहतर लाभ मिले। जलवायु अनुकूल खेती, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को भी सप्तधारा का हिस्सा बताते हुए इसे बढ़ावा देने का वादा किया।
समन्वय और क्रियान्वयन
कृषि मंत्री ने कहा कि सप्तधारा को साकार करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। गति शक्ति के तहत कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान बनाने, विनिर्माण से जोड़ने और हरित अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों को कृषि से लिंक करने पर काम किया जाएगा।
उन्होंने राज्य सरकारों, कृषि वैज्ञानिकों, किसान संगठनों और निजी क्षेत्र से सहयोग की अपील की। “यह सिर्फ सरकार का एजेंडा नहीं, बल्कि पूरे देश का संकल्प होना चाहिए,” चौहान ने कहा।
युवा और महिला किसानों पर फोकस
सप्तधारा में युवा शक्ति को केंद्र में रखने की बात करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और एग्री-एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दिया जाएगा। मुफ्त कोचिंग और एआई स्किल ट्रेनिंग जैसी पहलों का लाभ कृषि क्षेत्र के युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास होगा।
आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
शिवराज सिंह चौहान ने जोर दिया कि सप्तधारा का मूल उद्देश्य भारत को किसी भी क्षेत्र में निर्भर न रहने देना है। कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल कर देश न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा बल्कि विश्व को खाद्य सुरक्षा में योगदान भी देगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन को अमली जामा पहनाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों का विस्तार से ऐलान किया जाएगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश
कृषि मंत्री के इस बयान को सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने वाला माना जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के बाद विभिन्न मंत्री प्रधानमंत्री के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय हुए हैं। शिवराज सिंह चौहान का संकल्प कृषि क्षेत्र में सुधारों को नई दिशा देने वाला है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘शक्ति की सप्तधारा’ विजन को साकार करने का शिवराज सिंह चौहान का संकल्प महत्वपूर्ण है। कृषि को केंद्र में रखकर विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, हरित अर्थव्यवस्था और अन्य धाराओं को जोड़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य करीब आएगा। अब इस संकल्प को जमीनी स्तर पर अमल में उतारने की चुनौती है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए तो सप्तधारा का विजन सही मायने में साकार हो सकेगा।