मुथूट फिनकॉर्प ₹3,000 करोड़ का IPO लाएगी, सेबी के पास DRHP जमा

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पूरा मुद्दा फ्रेश इश्यू के जरिए; टियर-1 पूंजी मजबूत करने और बिजनेस विस्तार के लिए जुटाया जाएगा पैसा, गोल्ड लोन NBFC की मजबूत वित्तीय स्थिति

मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड ने ₹3,000 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। यह पूरा मुद्दा नए शेयर जारी करके यानी फ्रेश इश्यू के रूप में होगा। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल अपनी टियर-1 पूंजी मजबूत करने, लेंडिंग क्षमता बढ़ाने और कारोबार के विस्तार के लिए करेगी।

IPO की मुख्य बातें

मुथूट फिनकॉर्प का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। यानी जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के पास जाएगी। सेबी की मंजूरी और बाजार की स्थिति के अनुसार आगे प्राइस बैंड और अन्य विवरण तय किए जाएंगे।

पुस्तक निर्माण प्रबंधकों में कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स शामिल हैं।

पूंजी के उपयोग का उद्देश्य

DRHP के अनुसार, आईपीओ से प्राप्त राशि का मुख्य उद्देश्य कंपनी की टियर-1 पूंजी बढ़ाना है। इससे भविष्य की पूंजी जरूरतों को पूरा किया जाएगा, आगे लोन देने की क्षमता मजबूत होगी तथा बिजनेस के विस्तार और विकास को समर्थन मिलेगा। गोल्ड लोन और अन्य वित्तीय उत्पादों में वृद्धि के लिए मजबूत पूंजी आधार जरूरी माना जाता है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

मुथूट फिनकॉर्प मुथूट पप्पाचन ग्रुप का हिस्सा है, जिसकी विरासत 1887 से चली आ रही है। कंपनी दो दशक से अधिक समय से गोल्ड लोन के क्षेत्र में सक्रिय है। यह पैन-इंडिया ब्रांच नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म मुथूट फिनकॉर्प वन के जरिए सेवाएं देती है।

31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास 5,610 शाखाएं थीं और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹73,444.72 करोड़ रहा। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 4.26 करोड़ पंजीकृत यूजर्स हैं। मुख्य बिजनेस गोल्ड लोन है, साथ ही बिजनेस लोन, प्रॉपर्टी पर लोन, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग, डिजिटल लोन, माइक्रोफाइनेंस और हाउसिंग लोन भी दिए जाते हैं।

मजबूत वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। समेकित शुद्ध लाभ तीन गुना बढ़कर ₹1,847.62 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹607.90 करोड़ था। परिचालन से राजस्व बढ़कर ₹11,203.81 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह ₹8,497.69 करोड़ था। यह आंकड़े गोल्ड लोन और अन्य सेगमेंट में मजबूत मांग को दर्शाते हैं।

बाजार और सेक्टर का संदर्भ

गोल्ड लोन NBFC सेक्टर में मुथूट ग्रुप की मजबूत पहचान है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पहुंच तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से कंपनी को लाभ मिला है। आईपीओ से मिली पूंजी से टियर-2 और टियर-3 शहरों में और गहराई से पहुंच बनाने तथा मौजूदा ग्राहकों को ज्यादा सेवाएं देने में मदद मिलेगी।

निवेशक कंपनी की AUM वृद्धि, एसेट क्वालिटी, पूंजी पर्याप्तता अनुपात और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर नजर रखेंगे।

आगे की प्रक्रिया

सेबी DRHP की समीक्षा करेगी। मंजूरी मिलने और बाजार अनुकूल रहने पर कंपनी आईपीओ लॉन्च कर सकती है। प्राइस बैंड, लॉट साइज और अन्य विवरण बाद में तय होंगे। फ्रेश इश्यू होने के कारण प्रमोटर हिस्सेदारी में कुछ कमी आएगी, लेकिन नियंत्रण बना रहेगा।

निष्कर्ष

मुथूट फिनकॉर्प का ₹3,000 करोड़ का आईपीओ गोल्ड लोन और विविध वित्तीय सेवाओं वाले NBFC के लिए महत्वपूर्ण कदम है। पूरी तरह फ्रेश इश्यू के जरिए पूंजी जुटाकर कंपनी अपनी वित्तीय मजबूती और विस्तार को नई गति देगी। मजबूत लाभ वृद्धि और बड़े ब्रांच नेटवर्क के साथ यह इश्यू निवेशकों का ध्यान खींचने वाला साबित हो सकता है। अब सेबी की मंजूरी और आगे की औपचारिकताओं पर नजर रहेगी।

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